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Bareilly News: रामगंगा नदी के किनारों पर बनेगा नो कंसट्रक्शन, नो डेवलपमेंट जोन

Sun, 27 Aug 2023 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 02:08 AM IST
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No construction, no development zone will be built on the banks of Ramganga river
बरेली। रामगंगा में बाढ़ और तट पर अवैध कब्जे की आशंका पर अंकुश लगाने के लिए अब नो कंसट्रक्शन, नो डेवलपमेंट जोन बनाने की कवायद शुरू हुई है। नोडल डिवीजन बाढ़ खंड मुरादाबाद ने सर्वे के लिए सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की को जिम्मेदारी सौंपी है।
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बाढ़ खंड बरेली से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय जल आयोग के दिशा-निर्देश के तहत फ्लड प्लेन एरिया के निर्धारण की कवायद शुरू हुई है। बाढ़ खंड के पास वर्ष 2006 से पहले के आंकड़े नहीं हैं। लिहाजा, वर्ष 2010 में बाढ़ प्रभावित इलाकों और आंकड़ों के आधार पर ही संबंधित क्षेत्र को तय किया जाना प्रस्तावित है। रामगंगा नदी बिजनौर से बरेली में प्रवेश करती है। 75 किमी प्रवाह के बाद नदी शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश करती है। नो कंसट्रक्शन, नो डेवलपमेंट जोन निर्धारित करने की तकनीकी क्षमता विभाग के पास नहीं है। बिजनौर से कन्नौज तक संबंधित क्षेत्र को चिह्नित करने के लिए केंद्रीय जल आयोग ने बाढ़ खंड मुरादाबाद को नोडल डिवीजन नामित किया है।
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सिंचाई अनुसंधान संस्थान बहादराबाद रुड़की के जल विज्ञान खंड के एक्सईएन को फ्लड प्लेन जोन के लिए नो डेवलपमेंट और रेग्युलेटरी जोन के सर्वे के लिए लिखा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सिंचाई विभाग की ओर से पिलर लगाए जाएंगे। सर्वे के लिए प्रस्तावित संस्था की ओर से बजट की आकलन रिपोर्ट दे दी गई है। बजट जारी होने पर सर्वे शुरू होगा।
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रिपोर्ट के मुताबिक रामगंगा नदी का न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह उत्तराखंड में स्थित कालागढ़ बांध निर्धारित करता है। उप्र राज्य जल संसाधन अभिकरण की ओर से रामगंगा नदी का न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह 25 क्यूसेक निर्धारित है पर चौबारी स्थित केंद्रीय जल आयोग की साइट के अनुसार रामगंगा का जल प्रवाह 2,500 क्यूसेक दर्ज हो रहा है।
बाढ़ खंड के मुताबिक वर्ष 2010 में बरेली में बाढ़ का प्रकोप हावी हुआ था। इसके बाद साल 2021-22 में भी पहाड़ों और मैदानी इलाकों में एक साथ हुई तेज बारिश के बाद आंशिक बाढ़ की स्थिति रही। 300 गांव प्रभावित हुए थे। सैकड़ों किसानों की फसल जलमग्न हो गई थी, जिन्हें सरकार की ओर से आर्थिक मदद भी मुहैया कराई गई थी। बीते साल भी रामगंगा नदी में जल प्रवाह बढ़ा पर बाढ़ की स्थिति नहीं रही।


फ्लड प्लेन एरिया में नो कंस्ट्रक्शन नो डेवलपमेंट जोन के निर्धारण के संबंध में जो जानकारी मांगी गई थी, हमने मुहैया करा दी है। सर्वे के लिए बाढ़ खंड मुरादाबाद को नोडल डिवीजन नामित किया गया है। - राजेंद्र कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड बरेली
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