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जिंदगी की चाल कैमरे में कैद कर रहे नन्हें-मुन्ने
बरेली।
Updated Tue, 14 Nov 2017 02:02 AM IST
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बच्चचाों द्वारा ख्ाींची गइऱ्ई तस्वीरें
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अगर कोई आपसे कहेे कि आठवीं कक्षा के बच्चे ने कैमरे की नजर से एक पहाड़ी महिला के संघर्ष को देखा। नैनीताल घूमने गई बच्ची घोंसले में अंडा सेते कबूतर के जोड़े को कैमरे में कैद कर लाई या गांधी उद्यान में लहराते तिरंगे को एक बच्चे ने शहर की नई पहचान के रूप में पेश किया तो आप हैरान हो जाएंगे। बाल दिवस पर बच्चों के दृष्टिकोण को समझने के लिए जब हम बीबीएल स्कूल के फोटोग्राफी क्लब के बच्चों से मिले तो ये तस्वीरें देखकर सुखद अहसास हुआ। कक्षा आठ के लक्ष्य अरोरा, नवीं कक्षा की माव्या आमिर और निकुंज अग्रवाल इन तस्वीरों के छायाकार हैं। ऐसे नन्हें छायाकारों की एक लंबी फेहरिस्त है, जिन्होंने कैमरे के जरिए प्रकृति के कई रंग, पक्षियों की भूख और आसमान को काला करते फैक्ट्री के धुएं को दिखाया। सातवीं कक्षा के सम्यक शर्मा की एक तस्वीर आपको स्कूल की दोस्ती याद दिलाएगी। तस्वीर में सीढ़ियों पर झुंड में रखे बस्ते ही सब कुछ कह दे रहे हैं। ये बच्चे कहते हैं कि फोटोग्राफी के जरिए वे अपने अंदर के नए हुनर से मिल रहे हैं। कक्षा नौ के देव आशीष बोले, कैमरा उन्हें जीवन को देखने का नया तरीका बताता है। निकुंज, कृष्णा, यश आदि बच्चों ने बातचीत में जो कहा, उससे यह तस्वीर निकली कि इनके लिए फोटोग्राफी एक ऐसा शौक है जो पढ़ाई से हटकर जो उन्हें अपनी मन तरंगों को कहने का मौका दे रहा है।
प्रोफेशनल फोटोग्राफर से सीख रहे फोटोग्राफी
बीबीएल स्कूल के प्रधानाचार्य दीपक अग्रवाल कहते हैं कि फोटोग्राफी में बच्चों को क्रिएटिव और संवेदनशील दृष्टिकोण नजर आता है। कई वर्षों से फोटोग्राफी क्लब चल रहा है, जिसमें कक्षा छह से दसवीं तक के बच्चे प्रोफेशनल फोटोग्राफर से फोटोग्राफी सीख रहे हैं। सप्ताह के शनिवार को उनकी क्लास होती है। स्कूल में होने वाली गतिविधि, शैक्षिक भ्रमण के दौरान ये बच्चे फोटो खींचते हैं, जिन्हें प्रदर्शनी में भी लगाकर प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रोफेशनल फोटोग्राफर से सीख रहे फोटोग्राफी
बीबीएल स्कूल के प्रधानाचार्य दीपक अग्रवाल कहते हैं कि फोटोग्राफी में बच्चों को क्रिएटिव और संवेदनशील दृष्टिकोण नजर आता है। कई वर्षों से फोटोग्राफी क्लब चल रहा है, जिसमें कक्षा छह से दसवीं तक के बच्चे प्रोफेशनल फोटोग्राफर से फोटोग्राफी सीख रहे हैं। सप्ताह के शनिवार को उनकी क्लास होती है। स्कूल में होने वाली गतिविधि, शैक्षिक भ्रमण के दौरान ये बच्चे फोटो खींचते हैं, जिन्हें प्रदर्शनी में भी लगाकर प्रोत्साहित किया जाता है।
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