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जवाब कैसे देंगे साहब, यहां तो फाइलें ही गायब हैं

Sat, 24 Aug 2019 01:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 24 Aug 2019 01:06 AM IST
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Nagar Nigam
जवाब कैसे देंगे साहब, यहां तो फाइलें ही गायब हैं
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- पार्षद सतीश कातिब के सवालों पर उलझे नगर निगम के अफसर
- मुश्किल हुए जवाब, 29 अगस्त की बोर्ड बैठक में फिर होगा घमासान
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। पार्षद सतीश कातिब के सवालों को लेकर नगर निगम के अफसर उलझन में हैं। उनके सवालों के जवाब देना निगम के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है, क्योंकि उन्होंने जिन संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी है, उनकी फाइल ही नगर निगम से गायब हो चुकी है। ऐसे में 29 अगस्त को होने वाली बोर्ड बैठक में एक बार फिर घमासान के आसार बनते नजर आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को अपने 17 सवालों के जवाब न मिलने पर भाजपा पार्षद सतीश कातिब और सपा पार्षद राजेश अग्रवाल बोर्ड बैठक शुरू होते ही धरने पर बैठ गए थे। इसके चलते ही बोर्ड बैठक स्थगित कर दी गई। इनमें से सतीश कातिब के दो सवाल नगर निगम अफसरों के गले की फांस बन गए हैं क्योंकि इनकी फाइल ही नगर निगम से गायब हो गई है। इनमें पहला सवाल रामपुर गार्डन में नगर निगम की कोठी को लेकर है। रामपुर बाग में अग्रसेन पार्क के पास स्थित यह भवन नवाब की कोठी के नाम से जाना जाता है। इसमें दो किराएदार हैं, जिनमें से एक किराएदार नेे कोठी को अपने दो बेटों में बांट दिया है। पिछले साल बोर्ड में सवाल उठने के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई तो निगम से इसकी फाइल ही गायब मिली और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसा ही दूसरा मामला त्रिवटीनाथ मंदिर से गुलाब राय इंटर कॉलेज की ओर जाने वाली रोड पर स्थित लगभग चार हजार वर्ग मीटर जमीन का है। यह जमीन डॉ. वीके सक्सेना को निशुल्क धर्मार्थ ट्रस्ट चलाने को पट्टे पर दी गई थी। सतीश कातिब ने पट्टे पर जमीन देने के समय नगर पालिका द्वारा तैयार की गई पत्रावली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने की मांग की है। बताया जाता है कि यह पत्रावली भी नगर निगम से गायब है, जिसके चलते ही निगम अफसरों ने इन सवालों के जवाब नहीं दिए।
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अन्य सवाल भी पोल खोलने वाले
जवाब न देने वाले कुछ अन्य सवाल भी ऐसे हैं, जिनमें निगम अफसरों की पोल खुलेगी। इसमें सबसे विवादित सवाल नाजिर के खर्च का है। निगम अफसरों को डर है कि अगर इसका जवाब बोर्ड बैठक में दे दिया तो उनके खर्चों की पोल खुल जाएगी।
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