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बहादुरी की मिसाल हैं मुसाकिर: आठ वर्षों में 50 से अधिक लोगों की बचाई जान, बोले- मां गंगा देती हैं मेरा साथ

Sun, 25 Jun 2023 05:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 25 Jun 2023 05:08 PM IST
सार

कादरचौक के रहने वाले 55 साल के मुसाकिर मल्लाह हैं। गंगा किनारे पले बढ़े हैं। उन्होंने अपनी बहादुरी और हौसले से कई लोगों की जिंदगी बचाई है। वह आठ साल से ककोड़ा मेला में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 

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Musakir has saved more than 50 people life in eight years
हेड मल्लाह मुसाकिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं में मिनी कुंभ कहे जाने वाले ककोड़ा मेला में आए लोगों को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं होता। ऐसे में कुछ लोग गलती से गहरे पानी के अंदर चले जाते हैं, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। लेकिन यहां हेड मल्लाह मुसाकिर नदी में नहा रहे लोगों पर पूरी निगाहें बनाकर रखते हैं। उनका दावा है कि वह आठ वर्षों में 50 से अधिक लोगों की जान बचा चुके हैं।

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रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से जाने वाला ककोड़ा मेला बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में गंगा किनारे लगता है। इस मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मेला कई दिनों तक चलता है। इसमें आसपास के जिलों के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ आते हैं। साथ ही संत महात्मा भी यहीं पर अपना डेरा डालकर कई दिनों तक रहते हैं।
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मुसाकिर के साथ काम करते हैं 30 मल्लाह 

ऐसे में यहां पर पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ कादरबाड़ी के रहने वाले हेड मल्लाह मुसाकिर का काम बढ़ जाता है, क्योंकि वह क्षेत्र के काफी अच्छे जानकार हैं। उनके साथ में 30 मल्लाह काम करते हैं, जो मिनी कुंभ में चप्पे-चप्पे पर नजर रखते हैं। 

करीब आठ साल से मुसाकिर मेले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका दावा है कि करीब 50 से ज्यादा लोगों की जान बचा चुके हैं। यहां तक कि मेले के अलावा भी आसपास के क्षेत्र में कोई घटना होती है तो स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन की उनकी ही मदद लेता है।

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मुसाकिर बताते हैं कि वह जब भी किसी को डूबता देखते हैं तो तुरंत ही बचाने के लिए नदी में उतर जाते हैं। उनकी हर बार यह कोशिश रहती है कि डूबते को सही सलामत बाहर ला सकें। गंगा मां उनका हर बार साथ भी देती है।
 
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