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पर्वतीय राज्यों के विकास को बने विशेष योजना: तिवारी
बरेली
Updated Sun, 01 Nov 2015 02:05 AM IST
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बरेली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का कहना है कि केंद्र सरकार को देश के पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए। उत्तराखंड समेत कई पर्वतीय राज्यों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इनके लिए नीति आयोग में अलग से बजट निर्धारित कर काम कराने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पहाड़ों की समस्याएं पहाड़ जैसी हैं। इससे पर्वतीय राज्यों के लोग जूझ रहे हैं। उन्हें सड़क यातायात और अन्य मूलभूत समस्याओं से उबारकर ही इन राज्यों का विकास संभव हो सकता है। वहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। वहां प्राकृतिक संसाधनों से बहुत कुछ किया जा सकता है। यह तभी संभव है, जब केंद्र सरकार इन राज्यों के लिए विशेष योजना बनाकर अलग से बजट का प्रावधान करे। उत्तराखंड में यातायात की समस्या दूर करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी बात की है।
तिवारी उत्तराखंड से लखनऊ लौटते वक्त बरेली में भी रुके। उनके साथ पत्नी डॉ. उज्जवला तिवारी और उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन विभाग के सलाहकार पुत्र रोहित शेखर तिवारी भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश सरकार से नौ मंत्रियों को हटाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्रीर ने कहा कि वह काम नहीं कर रहे थे, उनको हटाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यही संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि संघ में अनुशासन तो है लेकिन उसकी विचारधारा ठीक नहीं है।अनुशासन के लिए वह सरसंघ चालक मोहन भागवत का आदर करते हैं। एनडी तिवारी नेहरू युवा केंद्र भी गए और वहां कांग्रेसियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के सचिव अनुज गंगवार, जियाउरहमान, मधुर गुप्ता, दिनेश दद्दा, डॉ. नीतू मेहरोत्रा आदि ने उनका स्वागत किय।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पहाड़ों की समस्याएं पहाड़ जैसी हैं। इससे पर्वतीय राज्यों के लोग जूझ रहे हैं। उन्हें सड़क यातायात और अन्य मूलभूत समस्याओं से उबारकर ही इन राज्यों का विकास संभव हो सकता है। वहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। वहां प्राकृतिक संसाधनों से बहुत कुछ किया जा सकता है। यह तभी संभव है, जब केंद्र सरकार इन राज्यों के लिए विशेष योजना बनाकर अलग से बजट का प्रावधान करे। उत्तराखंड में यातायात की समस्या दूर करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी बात की है।
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तिवारी उत्तराखंड से लखनऊ लौटते वक्त बरेली में भी रुके। उनके साथ पत्नी डॉ. उज्जवला तिवारी और उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन विभाग के सलाहकार पुत्र रोहित शेखर तिवारी भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश सरकार से नौ मंत्रियों को हटाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्रीर ने कहा कि वह काम नहीं कर रहे थे, उनको हटाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यही संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि संघ में अनुशासन तो है लेकिन उसकी विचारधारा ठीक नहीं है।अनुशासन के लिए वह सरसंघ चालक मोहन भागवत का आदर करते हैं। एनडी तिवारी नेहरू युवा केंद्र भी गए और वहां कांग्रेसियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के सचिव अनुज गंगवार, जियाउरहमान, मधुर गुप्ता, दिनेश दद्दा, डॉ. नीतू मेहरोत्रा आदि ने उनका स्वागत किय।
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