दर्दनाक हादसा: बेटी पर गिरा हाईटेंशन लाइन का तार, बचाने को दौड़ी मां, करंट लगने से दोनों की मौत
सकरस गांव में एक मकान की छत के ऊपर झूल रहा हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार टूटकर 12 साल की बच्ची पर गिर गया। करंट लगने से वह छटपटाने लगी। बेटी को बचाने आई मां भी चपेट में आ गई। दोनों की मौत हो गई।
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बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दर्दनाक घटना हुई। सकरस गांव में एक किसान के मकान की छत पर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। जिसकी चपेट में आने से महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई। दोनों नामकरण संस्कार में शामिल होने रिश्तेदारी में आई थीं। मां-बेटी की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत निगम के खिलाफ रोष जाहिर किया। मौके पर पहुंची पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों को शांत कराने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
देवरनियां थाने के गांव चुबकिया की आरती कश्यप (31 वर्ष) अपनी 12 वर्ष की पुत्री तनु के साथ अपनी ननद के घर गांव सकरस शुक्रवार को सुबह ही आई थी। यहां आकाश के पुत्र का नामकरण संस्कार था। दोपहर करीब एक बजकर 10 मिनट पर वह अपनी बेटी को लेकर छत पर किसी काम से गई थी। छत के ऊपर काफी नीचे हाईटेंशन लाइन के तार गुजर रहे थे। अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर छत पर गिर गया। जिसकी चपेट में तनु आ गई। करंट लगते ही बच्ची पहले छटपटाई फिर झुलसने लगी।
बेटी को बचाने दौड़ी मां आरती को भी तेज करंट लग गया, जिससे उसका सिर फट गया। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव व सीओ अरुण कुमार सिंह पहुंचे। ग्रामीणों ने विद्युत निगम के लाइनमैन ,अधिकारियों सहित डीएम को बुलाए जाने की मांग रख दी। हंगामा बढ़ते देख फोर्स बुला ली गई। पुलिस पांच बार शवों को सील करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते पीछे हटना पड़ा।
10 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन
एसडीएम ने पुलिस सुरक्षा में बिजली निगम के एक्सईएन चमन प्रकाश, एसडीओ ग्रामीण प्रेम चंद्र यादव , एसडीओ नगर अमित गंगवार को मौके पर बुलाया। ग्रामीणों से उनका संवाद कराया गया। ग्रामीणों ने लाइनमैन ओमप्रकाश पर रुपये मांगने के आरोप लगाए। एसडीओ ने मौके पर माना कि लाइनमैन की लापरवाही है। उसको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मृतकों के परिजन को 10 लाख रुपये का मुआवजा विद्युत निगम की ओर से दिए जाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग पर अड़ गये। एक्सईएन ने बताया कि इसको जल्द बदला जाएगा।
करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार ग्रामीण और परिजन माने और दोनों के शव छत पर सील किए गए। फिर उन्हें नीचे लाया गया। इधर पुलिस से ज्यादा गांव वालों की भीड़ जुट गई। पुलिस के भी हाथ पैर फूल गए थे। थाने की जिप्सी से दोनों शव सीएचसी भेजे गये। वहां पंचनामा आदि की कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया।