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यूपीः आशियाना बना श्मशान, झोपड़ी में आग लगने से जिंदा जला साधु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
Updated Sun, 09 Dec 2018 03:55 PM IST
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साधु की झोपड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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साधु रघुनाथ के लिए आशियाना ही श्मशान भूमि बन गया। शुक्रवार रात अचानक झोपड़ी में आग लगने से उसमें सो रहे साधु की जिंदा जलकर मौत हो गई। सुबह लोग उधर टहलने पहुंचे तो उन्होंने झोपड़ी की राख में साधु का जला हुआ शव देखा। पुलिस चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की बात कह रही है।
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करीब 65 वर्षीय रघुनाथ उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम बची का निवासी था। वह साधु बन गया था। चचेरे भाई राजेंद्र की माने तो रघुनाथ छह भाई थे, जिनमें चार की मौत हो चुकी है जबकि रघुनाथ के बड़े भाई अपने परिवार के साथ हैदराबाद में मजदूरी आदि करके अपना परिवार चला रहे हैं। यहां रघुनाथ ने गांव के बाहर खेत में अपनी झोपड़ी डाल ली थी। उसके चारों ओर से बाजरे के पुले लगा लिए थे। उसके नाम तीन बीघे जमीन का पट्टा था।
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वहीं, झोपड़ी के बराबर में चूल्हा जलाकर खाना बनाता था। उसी झोपड़ी के बराबर में एक मंदिर का निर्माण भी शुरू करा दिया था। राजेंद्र के मुताबिक शनिवार सुबह गांव वाले उधर गए, तो झोपड़ी की राख पड़ी देखी। उसमें साधु रघुनाथ का अधजला शव पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर एसओ राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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ग्रामीणों ने बताया कि साधु कुछ समय से बीमार चल रहा था। शुक्रवार रात उसने चूल्हा जलाकर खाना बनाया होगा, या फिर झोपड़ी में अलाव से आग लगी होगी। उसे झोपड़ी से निकलने का मौका नहीं मिला होगा और उसकी जलकर मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद साधु के शव को गांव वालों के हवाले कर दिया गया। गांव वाले ही रघुनाथ के शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
साधु की झोपड़ी गांव के बाहर थी। वहीं एक मंदिर भी बनवा रहे थे। घटनास्थल के हालात को देखते हुए लग रहा है कि चूल्हे या अलाव से झोपड़ी में आग लगी होगी। साधु कुछ दिन से बीमार थे। इससे उनकी झोपड़ी में ही जलकर मौत हो गई।
- राजीव कुमार, एसओ उसहैत