बरेली: पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी से ओमेक्स टाउनशिप पर पड़ सकता है असर, 1.848 एकड़ की है हिस्सेदारी
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी के बाद बरेली में प्रस्तावित 800 करोड़ रुपये की ओमेक्स टाउनशिप चर्चा में आ गई है। लालपुर-अधलखिया क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना में पप्पू गिरधारी की भी हिस्सेदारी है। इससे माना जा रहा है कि इस परियोजना पर असर पड़ सकता है।
विस्तार
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी का असर अब बरेली में प्रस्तावित ओमेक्स टाउनशिप पर भी पड़ सकता है। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से लालपुर-अधलखिया गांव के पास प्रस्तावित इस टाउनशिप में पप्पू गिरधारी की भी हिस्सेदारी है।
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) में जमा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के मुताबिक, नौ साझेदारों के नाम पर 49.11 एकड़ जमीन का स्वामित्व दर्ज है। इसमें पप्पू गिरधारी के नाम पर 1.848 एकड़ जमीन शामिल है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के बाद परियोजना में शामिल जमीन के स्वामित्व, साझेदारी और दस्तावेजों की जांच अहम हो गई है।
पप्पू गिरधारी को शनिवार को उत्तराखंड पुलिस ने उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया है। मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्तूबर को देहरादून के कैंट थाने में पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद से वह फरार चल रहे थे। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद अब उनके कारोबारी और संपत्ति से जुड़े मामलों पर भी नजर है।
लालपुर गांव में प्रस्तावित है टाउनशिप
बीडीए के रिकॉर्ड के अनुसार, ओमेक्स व कंसोर्शियम (सहयोगी) कंपनी की ओर से लालपुर गांव में प्रस्तावित टाउनशिप के लिए 19.8754 हेक्टेयर यानी 49.11 एकड़ भूमि जुटाई गई है। जबकि पूरी प्रस्तावित टाउनशिप का क्षेत्रफल करीब 71.78 एकड़ में है। यूपी टाउनशिप नीति-2023 के अनुसार डीपीआर के परीक्षण के लिए कुल भूमि का कम से कम 60 प्रतिशत विकासकर्ता या कंसोर्शियम के स्वामित्व में होना जरूरी है।
पप्पू गिरधारी की जमीन भी इसी स्वामित्व के दायरे में शामिल है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के बाद परियोजना के दस्तावेजों और साझेदारों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, गिरफ्तारी मात्र से टाउनशिप की प्रक्रिया स्वत: निरस्त नहीं होगी। परियोजना का भविष्य जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों की वैधता और जरूरी सरकारी अनुमतियों पर निर्भर करेगा।
नौ साझेदारों के नाम पर जुटाई जमीन
ओमेक्स टाउनशिप में नौ साझेदारों के नाम पर जमीन दर्ज है। इनमें मैसर्स ओमेक्स प्राइवेट लिमिटेड की 11.404 एकड़, वनखंडी रुद्राक्ष धाम इंफ्रा डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड की 6.609 एकड़, कृष्णा वैष्णवी इंफ्रा डेवलपर्स की 1.975 एकड़, श्री अंबे ऑटो डीलर्स की 9.351 एकड़, श्री भानखंडी धाम इंफ्रा डेवलपर्स की 8.798 एकड़, देवोकेदेव महादेव डेवलपर्स की 4.382 एकड़, नेक्स्टेन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड की 3.127 एकड़, गिरधारी लाल साहू की 1.848 एकड़ व सत्येंद्र राठौर की 1.620 एकड़ जमीन शामिल है।
रेखा आर्या के नाम की जमीन पर बने फार्म हाउस का नक्शा भी नहीं
मंत्री रेखा आर्या के नाम से जुड़ी जमीन पर बने आलीशान फार्म हाउस को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने तीन मंजिला फार्म हाउस का बीडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं है। निर्माण को नियमित कराने के लिए वर्ष 2024 में कंपाउंडिंग का आवेदन किया गया था, निर्धारित शुल्क जमा नहीं होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। बीडीए के अधिकारियों ने भी मानचित्र स्वीकृत नहीं होने की बात कही है। इसमें परिसर में रेखा आर्या के नाम करीब 3300 वर्ग मीटर जमीन दर्ज है। बीडीए स्तर पर जमीन व निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बीडीए के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल अभी इस कार्रवाई से ओमेक्स टाउनशिप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसमें जो कुछ भी होगा, उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाएगा। अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा।