Bareilly News: महापौर ने छोड़ा सरकारी वाहन, इलेक्ट्रिक कार से पहुंचे नगर निगम, एस्कॉर्ट को भी दिए ई-व्हीकल
बरेली में ईंधन बचाने की मुहिम में महापौर उमेश गौतम ने अपने सरकारी वाहन छोड़ दिए हैं। वह शनिवार को इलेक्ट्रिक कार से नगर निगम पहुंचे। उन्होंने अपने एस्कॉर्ट को भी ई-वाहन दिए हैं।
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बरेली में ईंधन बचत अभियान के बीच शनिवार को महापौर उमेश गौतम अपनी सरकारी गाड़ी छोड़कर इलेक्ट्रिक कार से नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कोई दिखावा या राजनीतिक स्टंट नहीं है, बल्कि देशहित में अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक व्यावहारिक प्रयास है। जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के बीच जाना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन संसाधनों की बचत भी उतनी ही जरूरी है, इसीलिए उन्होंने ई-वाहन को अपनाया है।
महापौर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि अनावश्यक वाहन संचालन से बचें और वैकल्पिक ऊर्जा साधनों को प्राथमिकता दें। उनका मानना है कि जब सरकारी विभाग खुद उदाहरण पेश करेंगे, तभी आम जनता भी इस बदलाव के लिए प्रेरित होगी। नगर निगम आने वाले समय में अपने अन्य विभागीय कार्यों में भी ऊर्जा बचत के इस मॉडल को पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर रहा है।
एस्कॉर्ट में तैनात कर्मियों को दिए इलेक्ट्रिक वाहन
महापौर ने पर्यावरण और ईंधन बचत की इस मुहिम को सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रखा है। उन्होंने अपने सुरक्षा दस्ते (एस्कॉर्ट ड्यूटी) में तैनात कर्मचारियों के लिए भी इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराने की शुरुआत कर दी है। अब महापौर के काफिले में शामिल एस्कॉर्ट गाड़ियां भी पूरी तरह ई-फ्रेंडली नजर आएंगी, जिससे प्रतिदिन होने वाले ईंधन खर्च में बड़ी कटौती होगी।
नगर निगम में खर्च कम करने की कवायद शुरू
इस पूरी मुहिम को महापौर ने शीर्ष नेतृत्व की सोच से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार देश और प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण व ईंधन बचत की अपील कर रहे हैं। बरेली नगर निगम इसी संदेश को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत केवल गाड़ियां ही नहीं, बल्कि निगम परिसर में जनरेटरों के उपयोग को भी सीमित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक की छोटी-सी बचत भी देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए बड़ा योगदान साबित हो सकती है। यदि हम सब मिलकर पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने की आदत डाल लें, तो न केवल देश का पैसा बचेगा बल्कि प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से भी शहर को मुक्ति मिलेगी।