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Bareilly News: मलेरिया... मझगवां ब्लॉक हॉटस्पॉट, शेरगढ़, मीरगंज, भमोरा, बिथरी संवेदनशील
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बरेली। रोकथाम के तमाम दावों के बावजूद मझगवां ब्लॉक मलेरिया का हॉटस्पॉट बन गया है। यहां अब तक 700 मरीज मिले हैं। वहीं, शेरगढ़, मीरगंज, भमोरा, बिथरी ब्लॉक भी संवेदनशील की सूची में दर्ज हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक मिले मरीजों में से आधे से ज्यादा इन्हीं ब्लॉकों में हैं। जिले के सापेक्ष इन ब्लॉकों में 2.55 फीसदी की दर से मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं, शहर में भी 35 लोग इस बीमारी की चपेट में मिले हैं। बीते वर्ष भी यही ब्लॉक संवेदनशील रहे थे।
इस वजह से जहां विभाग की ओर से संचालित रोकथाम की गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अफसर आंकड़ेबाजी में उलझे हैं। वह केस घटने का दावा कर रहे हैं। उनके मुताबिक बीते वर्ष अक्तूबर तक मलेरिया के 33 सौ मरीज मिले थे, जबकि इस वर्ष अब तक सिर्फ 2600 मरीज ही मिले हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 12 अक्तूबर तक शहर में 35 केस हैं। मझगवां में 700, मीरगंज में 502, बिथरी में 134, शेरगढ़ में 176, भमोरा में 298 केस हैं। क्यारा में 110, आंवला में आठ, रामनगर में 149, फतेहगंज पश्चिमी में 352, भोजीपुरा में 21, मुडिया नबीबक्स में 15, बहेड़ी में छह, फरीदपुर में 17, कुआडांडा में 23, नवाबगंज में 27, दलेलनगर में 44 मरीज मिल चुके हैं।
जलभराव बन रहा वजह
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बीते दिनों हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में लंबे समय तक जलभराव रहा। कुछ इलाके अभी भी इस समस्या से निजात नहीं पा सके हैं। शहर के वार्डों में फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावित रहा। इस वजह से दूषित पानी में लार्वा पनपे। अब वे मच्छर बनकर डंक मारने लगे हैं।
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किस ब्लॉक के कौन से गांव प्रभावित
मीरगंज ब्लॉक : थानपुर, सहसा, खमरिया सैनी, पिपरिया, गुलड़िया, सैजना, सिंधौली, ठिरिया कल्यानपुर, नरेली।
मझगवां : बेहटा बुजुर्ग, गुरगवां मुस्तकिल, राधेनगर, मझगवां, इस्माइलपुर।
शेरगढ़ : परचई, हल्दीकलां, औरगांबाद, म्यूडी बुजुर्ग, पल्था, रतनुपरा, संग्रामपुर, बसई, पडुआ, खुली, दलीपुर, बिलौरी।
भमोरा : नौगवां अहिरान, पनवड़िया।
अमर उजाला ब्यूरो
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मलेरिया, डेंगू की रोकथाम के लिए टीमें सक्रिय हैं। संवेदनशील ब्लॉकों के प्रभावित गांवों में घर-घर फॉगिंग और छिड़काव हो रहा है। शिविर लगाकर मरीजों की जांच की जा रही है। शहर में डीबीसी टीम सक्रिय हैं। बीते वर्ष के सापेक्ष इस बार केस घटे हैं। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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इस वजह से जहां विभाग की ओर से संचालित रोकथाम की गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अफसर आंकड़ेबाजी में उलझे हैं। वह केस घटने का दावा कर रहे हैं। उनके मुताबिक बीते वर्ष अक्तूबर तक मलेरिया के 33 सौ मरीज मिले थे, जबकि इस वर्ष अब तक सिर्फ 2600 मरीज ही मिले हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 12 अक्तूबर तक शहर में 35 केस हैं। मझगवां में 700, मीरगंज में 502, बिथरी में 134, शेरगढ़ में 176, भमोरा में 298 केस हैं। क्यारा में 110, आंवला में आठ, रामनगर में 149, फतेहगंज पश्चिमी में 352, भोजीपुरा में 21, मुडिया नबीबक्स में 15, बहेड़ी में छह, फरीदपुर में 17, कुआडांडा में 23, नवाबगंज में 27, दलेलनगर में 44 मरीज मिल चुके हैं।
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जलभराव बन रहा वजह
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बीते दिनों हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में लंबे समय तक जलभराव रहा। कुछ इलाके अभी भी इस समस्या से निजात नहीं पा सके हैं। शहर के वार्डों में फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावित रहा। इस वजह से दूषित पानी में लार्वा पनपे। अब वे मच्छर बनकर डंक मारने लगे हैं।
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किस ब्लॉक के कौन से गांव प्रभावित
मीरगंज ब्लॉक : थानपुर, सहसा, खमरिया सैनी, पिपरिया, गुलड़िया, सैजना, सिंधौली, ठिरिया कल्यानपुर, नरेली।
मझगवां : बेहटा बुजुर्ग, गुरगवां मुस्तकिल, राधेनगर, मझगवां, इस्माइलपुर।
शेरगढ़ : परचई, हल्दीकलां, औरगांबाद, म्यूडी बुजुर्ग, पल्था, रतनुपरा, संग्रामपुर, बसई, पडुआ, खुली, दलीपुर, बिलौरी।
भमोरा : नौगवां अहिरान, पनवड़िया।
अमर उजाला ब्यूरो
मलेरिया, डेंगू की रोकथाम के लिए टीमें सक्रिय हैं। संवेदनशील ब्लॉकों के प्रभावित गांवों में घर-घर फॉगिंग और छिड़काव हो रहा है। शिविर लगाकर मरीजों की जांच की जा रही है। शहर में डीबीसी टीम सक्रिय हैं। बीते वर्ष के सापेक्ष इस बार केस घटे हैं। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ