{"_id":"bc1968b4efe9cbb4c756bdf7735b3921","slug":"lodi-s-ticket-came-from-the-helicopter-to-bareilly-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोधी का टिकट हेलीकाप्टर से आया बरेली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोधी का टिकट हेलीकाप्टर से आया बरेली
बरेली
Updated Tue, 16 Feb 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बरेली के सपा नेताओं की ओर से भेजा गया लेटर बम सोमवार को लखनऊ में आजम खां ने फोड़ दिया। इस धमाके में बरेली-रामपुर सीट से पहले एमएलसी प्रत्याशी बनाए गए डॉ. अनिल शर्मा का टिकट उड़ गया और आनन फानन में नए प्रत्याशी के रूप में रामपुर के घनश्याम लोधी का टिकट हेलीकाप्टर से बरेली पहुंचा दिया गया। डॉ. अनिल शर्मा पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके थे। हेलीकाप्टर से टिकट पहुंचते ही लोधी ने सपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस तरह अनिल का नामांकन वापस लेना अब तय है।
वीरपाल समेत 25 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र की एक प्रति सपा हाईकमान को भेजने के बाद मेयर डॉ. आईएस तोमर और पूर्व सांसद सर्वराज सिंह रामपुर जाकर आजम खां को भी दे आए थे। इसमें अनिल शर्मा को टिकट देने का विरोध किया गया था। इसके बाद आजम खां ने शनिवार शाम पांच बजे पार्टी नेताओं की मीटिंग बुलाकर डॉ. अनिल शर्मा के विरोध में लिखा वीरपाल का लेटर बम पढ़कर सबको सुनाया और वहां मौजूद नेताओं की राय पूछी। बीच में एक व्यक्ति बोल पड़ा तो आजम खां उठ कर चले गए। वह कह गए कि एमएलसी टिकट का फैसला कल होगा। फिर घनश्याम लोधी को प्रत्याशी बनाने का पत्र हाईकमान को भेजा गया। लखनऊ में प्रो. रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह की हरी झंडी मिलने के बाद घनश्याम लोधी का टिकट फाइनल हो गया।
ऐसे चला सियासी ड्रामा
सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के पास सोमवार की सुबह 10.51 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोन आया। इसमें अनिल शर्मा की जगह एमएलसी के लिए घनश्याम लोधी का नामांकन कराने की बात कही गई। 11.30 बजे पता चला कि घनश्याम लोधी के टिकट का प्राधिकार पत्र लखनऊ से हेलीकाप्टर से आ रहा है। 12.30 बजे तक सपा के ज्यादातर नेता हेलीकाप्टर का इंतजार करने पुलिस लाइंस पहुंच चुके थे। डेढ़ बजे तक हेलीकाप्टर नहीं उतरा तो नेता चिंतित होने लगे कि कहीं लखनऊ में कुछ और गड़बड़ तो नहीं हो रही। अचानक 1.45 बजे हेलीकाप्टर उतरा। उसमें से मुख्यमंत्री के ओएसडी जगदेव सिंह और सीएम दफ्तर के अफसर प्रवीण माहेश्वरी उतरे। उन्होंने घनश्याम लोधी का नामांकन प्राधिकार पत्र जिलाध्यक्ष वीरपाल को सौंपा। तब वीरपाल समर्थकों को लेकर घनश्याम लोधी का नामांकन कराने कलेक्ट्रेट रवाना हुए। उधर, भाजपा के पीपी सिंह ने भी सोमवार को नामांकन कराया, कुल नौ नामांकन हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीरपाल समेत 25 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र की एक प्रति सपा हाईकमान को भेजने के बाद मेयर डॉ. आईएस तोमर और पूर्व सांसद सर्वराज सिंह रामपुर जाकर आजम खां को भी दे आए थे। इसमें अनिल शर्मा को टिकट देने का विरोध किया गया था। इसके बाद आजम खां ने शनिवार शाम पांच बजे पार्टी नेताओं की मीटिंग बुलाकर डॉ. अनिल शर्मा के विरोध में लिखा वीरपाल का लेटर बम पढ़कर सबको सुनाया और वहां मौजूद नेताओं की राय पूछी। बीच में एक व्यक्ति बोल पड़ा तो आजम खां उठ कर चले गए। वह कह गए कि एमएलसी टिकट का फैसला कल होगा। फिर घनश्याम लोधी को प्रत्याशी बनाने का पत्र हाईकमान को भेजा गया। लखनऊ में प्रो. रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह की हरी झंडी मिलने के बाद घनश्याम लोधी का टिकट फाइनल हो गया।
विज्ञापन
ऐसे चला सियासी ड्रामा
सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के पास सोमवार की सुबह 10.51 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोन आया। इसमें अनिल शर्मा की जगह एमएलसी के लिए घनश्याम लोधी का नामांकन कराने की बात कही गई। 11.30 बजे पता चला कि घनश्याम लोधी के टिकट का प्राधिकार पत्र लखनऊ से हेलीकाप्टर से आ रहा है। 12.30 बजे तक सपा के ज्यादातर नेता हेलीकाप्टर का इंतजार करने पुलिस लाइंस पहुंच चुके थे। डेढ़ बजे तक हेलीकाप्टर नहीं उतरा तो नेता चिंतित होने लगे कि कहीं लखनऊ में कुछ और गड़बड़ तो नहीं हो रही। अचानक 1.45 बजे हेलीकाप्टर उतरा। उसमें से मुख्यमंत्री के ओएसडी जगदेव सिंह और सीएम दफ्तर के अफसर प्रवीण माहेश्वरी उतरे। उन्होंने घनश्याम लोधी का नामांकन प्राधिकार पत्र जिलाध्यक्ष वीरपाल को सौंपा। तब वीरपाल समर्थकों को लेकर घनश्याम लोधी का नामांकन कराने कलेक्ट्रेट रवाना हुए। उधर, भाजपा के पीपी सिंह ने भी सोमवार को नामांकन कराया, कुल नौ नामांकन हुए हैं।
विज्ञापन