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बैंक प्रबंधकों ने अनदेखा कर दिया डीएम का आदेश
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:25 AM IST
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शराब की दुकानों के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया वेबसाइट क्रैश होने से बाधित होने के बाद आबकारी विभाग ने फीस जमा करने की तिथि शनिवार तक बढ़ा दी थी। डीएम ने भी बैंकों को इसमें सहयोग करने का आदेश दिया था, लेकिन कई बैंक शाखाओं ने इसे अनदेखा कर दिया। नतीजा यह हुआ कि पहले चरण में कई आवेदक प्रक्रिया से बाहर हो गए।
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प्रदेश में पहली बार शराब दुकानों का आवंटन ऑनलाइन लाटरी प्रक्रिया के जरिये हो रहा है। इसके तहत अधिकृत बैंकों में फीस जमा की जानी है। इसकी आखिरी तिथि 28 फरवरी थी, लेकिन वेबसाइट बैठने से प्रदेश भर में बड़ी तादाद में लोग फीस जमा नहीं करा पाए। इस पर आबकारी विभाग ने फीस जमा करने और वेबसाइट पर आवेदन करने की तिथि तीन मार्च शाम पांच बजे तक बढ़ा दी थी। शनिवार सुबह बैंक खुले, लेकिन स्टाफ कम होने के कारण बैंक प्रबंधकों ने फीस करने पहुंचे तमाम आवेदक लौटा दिए। इससे पहले चरण में कई लोग लॉटरी प्रक्रिया से बाहर हो गए। आबकारी अफसर भी शनिवार सुबह कार्यालय से नदारद थे। उपायुक्त एचएस मिश्रा ने भी कोई सकारात्मक सहयोग नहीं दिया।
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डीएम आर. विक्रम सिंह ने एसबीआई क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव जोशी को दो बार तलब कर शराब दुकानों के लिए आनलाइन फीस प्राथमिकता से जमा कराने के निर्देश देते हुए लीड प्रबंधक को भी पत्र लिखा था, लेकिन बैंक प्रबंधकों ने इसे धता बता दिया। स्टाफ की कमी के बहाने शुरू से मनमानी की। आखिरी दिन भी यही हाल रहा। आवेदकों ने फिर डीएम से गुहार लगाई तो क्षेत्रीय प्रबंधक जोशी ने मेन ब्रांच और इनटच में फीस जमा कराने का वादा किया। आवेदक मेन ब्रांच पहुंचे तो वहां एजीएम आशुतोष श्रीवास्तव ने स्टाफ की कमी बताकर टहला दिया। आवेदक इधर उधर चकरघिन्नी बने रहे। समय के साथ उनकी धड़कनें भी बढ़ती रहीं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बाद में फोन ही उठाना बंद कर दिया। परेशान आवेदकों ने किसी तरह ब्रांच मैनेजर सुनील शर्मा और एमएसएमई में तपन महरोत्रा से संपर्क किया। इन दोनों बैंक अफसरों ने स्टाफ को लंच पर जाने से रोककर फार्म प्रोसेस कराए।
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