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लालफाटक ओवरब्रिज: रक्षा मंत्रालय को बंद पड़ी आईटीआर कंपनी की खाली जमीन देने के लिए होमवर्क शुरू
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बरेली का निर्माणाधीन लाल फाटक रेलओवरब्रिज।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। लालफाटक ओवरब्रिज के लिए कैंट में अधिग्रहीत होने वाली जमीन के बदले दूसरी जगह पर जमीन देने के लिए सीबीगंज में बंद पड़ी आईटीआर कंपनी की भूमि के लिए सेतु निगम ने लिखा पढ़ी शुरू कर दी है। इधर सोमवार को तहसील की टीम की पैमाइश के बाद एसडीएम सदर ने डीएम से इस मामले में वार्ता के लिए सिविल और आर्मी अफसरों की संयुक्त मीटिंग कराने का आग्रह किया है।
सेतु निगम को लालफाटक पर रक्षा मंत्रालय की करीब छह हजार वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण करना है। कमिश्नर ने सेतु निगम के अधिकारियों को सुझाव दिया था कि रक्षा मंत्रालय के लिए सीबीगंज में लंबे समय से बंद पड़ी आईटीआर कंपनी की जमीन का विकल्प भी तलाशा जा सकता है। सेतु निगम के अधिकारियों की तरफ से इस मामले को शासन को लिखा पढ़ी शुरू कर दी गई है। अफसरों का कहना है कि अगर यहां जमीन उपलब्ध हो जाए तो कैंट अधिकारियों को भी इसे लेने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इधर सोमवार को तहसील और सेतु निगम की संयुक्त टीम ने लालफाटक पर पहुंचकर कैंट में ओवरब्रिज बनाने के लिए जमीन की पैमाइश की थी। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने डीएम नितीश कुमार से इस मामले में बातचीत के लिए सिविल और सेना के अफसरों के साथ जल्द बैठक बुलाने की जरूरत बताई है।
‘लालफाटक पर तहसील की टीम ने तो नापजोख कर ली है लेकिन इसमें सेना के अधिकारियों से औपचारिक वार्ता की जानी है। इसके लिए सेना और सिविल अफसरों के आपस में बातचीत होना जरूरी है।’
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- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार, सदर
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सेतु निगम को लालफाटक पर रक्षा मंत्रालय की करीब छह हजार वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण करना है। कमिश्नर ने सेतु निगम के अधिकारियों को सुझाव दिया था कि रक्षा मंत्रालय के लिए सीबीगंज में लंबे समय से बंद पड़ी आईटीआर कंपनी की जमीन का विकल्प भी तलाशा जा सकता है। सेतु निगम के अधिकारियों की तरफ से इस मामले को शासन को लिखा पढ़ी शुरू कर दी गई है। अफसरों का कहना है कि अगर यहां जमीन उपलब्ध हो जाए तो कैंट अधिकारियों को भी इसे लेने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इधर सोमवार को तहसील और सेतु निगम की संयुक्त टीम ने लालफाटक पर पहुंचकर कैंट में ओवरब्रिज बनाने के लिए जमीन की पैमाइश की थी। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने डीएम नितीश कुमार से इस मामले में बातचीत के लिए सिविल और सेना के अफसरों के साथ जल्द बैठक बुलाने की जरूरत बताई है।
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‘लालफाटक पर तहसील की टीम ने तो नापजोख कर ली है लेकिन इसमें सेना के अधिकारियों से औपचारिक वार्ता की जानी है। इसके लिए सेना और सिविल अफसरों के आपस में बातचीत होना जरूरी है।’
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- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार, सदर