फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Lack of testing is very harmful for pregnant women, baby's cry is heard in the ambulance

Bareilly News: जांच का अभाव गर्भवती पर भारी, एंबुलेंस में गूंज रही किलकारी

Mon, 14 Apr 2025 02:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 02:46 AM IST
विज्ञापन
Lack of testing is very harmful for pregnant women, baby's cry is heard in the ambulance
बरेली। गर्भधारण के बाद नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श का अभाव गर्भवती के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिमाह दो गर्भवतियों का प्रसव एंबुलेंस में हो रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, परिजनों की अनदेखी जान पर भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन

अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि बीते वर्ष जिले में एंबुलेंस में 25 प्रसव हुए थे। इस वर्ष अब तक पांच प्रसव एंबुलेंस में हो चुके हैं। चूंकि 102 और 108 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और पायलट विपरीत परिस्थितियों में एंबुलेंस में प्रसव कराने के लिए प्रशिक्षित हैं, ऐसे में कहीं कोई अनहोनी नहीं हुई। पर एंबुलेंस में प्रसव से जिले में तैनात करीब 33 सौ आशा कार्यकर्ता, संगिनी की भूमिका समेत ग्रामीण स्वास्थ्य दिवस की प्रासंगिकता पर सवाल उठे हैं। वहीं, परिजन की सजगता पर भी प्रश्नचिह्न है।
विज्ञापन

एंबुलेंस प्रोग्राम मैनेजर शिवम सोनी के मुताबिक, एंबुलेंस में जीवन रक्षक उपकरण समेत सभी जरूरी दवाएं होती हैं। ईएमटी एक्सीडेंट, डिलीवरी समेत हार्ट अटैक अन्य गंभीर बीमारियों में इमरजेंसी मेडिसिन के लिए प्रशिक्षित होते हैं। इस वजह से एंबुलेंस में प्रसव कराने में कठिनाई नहीं आती। हालांकि, इसमें जोखिम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों की भूमिका अहम, दें पूरा ध्यान
महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक गर्भधारण की पुष्टि होने के साथ ही गर्भवती की सेहत की निगरानी की जिम्मा परिजनों का होता है। नियमित जांच और टीकाकरण कराएं तो हाई रिस्क गर्भावस्था और अन्य जोखिम से निजात मिलती है। कई परिजन गर्भवती की जांच नहीं कराते, इसलिए प्रसव की संभावित तिथि पता नहीं चलती। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर आखिरी वक्त में व्यवस्थाओं से देरी की वजह से प्रसव काल कम बचता है। ऐसे में अस्पताल जाने के दौरान रास्ते में एंबुलेंस में प्रसव की संभावना होती है। ब्यूरो
--
केस 1- आठ मार्च को रिछा निवासी महिला को दोपहर एक बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सूचना पर एंबुलेंस पहुंची और अस्पताल ले जाने के दौरान प्रसव कराना पड़ा। फिर रिछा सीएचसी पर जच्चा-बच्चा को भर्ती किया।

केस 2- छह मार्च को क्यारा के चांदपुर जोगियान निवासी गर्भवती को रात दस बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सूचना मिलने पर एंबुलेंस पहुंची।अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा। फिर सीएचसी फतेहगंज में प्रसूता, नवजात को भर्ती कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed