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Bareilly News: इंजेक्शन से हुए संक्रमण से हाथ काटने की नौबत, गलत इलाज का आरोप
Tue, 10 Feb 2026 01:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:24 AM IST
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फतेहगंज पश्चिमी। खिरका जगतपुर निवासी सुनील कुमार गंगवार ने (54) गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए सीएमओ से जांच की गुहार लगाई है। साथ ही, चिकित्सक से उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की है। आरोप है कि डॉ. प्रेमस्वरूप ने जो इंजेक्शन लगाया, उससे संक्रमण फैल गया। अब हाथ कटवाने की नौबत आ गई है। सुनील ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी चिकित्सक के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई से संतुष्टि नहीं मिली।
सुनील कुमार गंगवार ने बताया कि उन्हें एक साल से लिवर की बीमारी है। उन्होंने बरेली के शास्त्रीनगर स्थित स्वरूप क्लीनिक में डॉ. प्रेमस्वरूप से इलाज कराया था। आठ जनवरी को पेट दर्द बढ़ने पर डॉ. प्रेमस्वरूप ने इंजेक्शन लगाए और दवाएं दीं। इससे दर्द तो कम नहीं हुआ, बल्कि बायां हाथ सूज गया और इंफेक्शन हो गया। एक पखवाड़े में डॉ. प्रेमस्वरूप ने कई बार महंगे इंजेक्शन लगाए। इसके बाद उन्होंने सुनील को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
दूसरे चिकित्सक ने बताया कि संक्रमण बहुत बढ़ गया है। हाथ कटवाना भी पड़ सकता है। इस बीच इलाज में 50,000 रुपये से अधिक खर्च हो गए। आठ हजार रुपये का एक इंजेक्शन लगाया गया।
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शिकायत पर सीएमओ ने स्पष्टीकरण मांगा तो डॉ. प्रेमस्वरूप ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया। उन्होंने बताया कि पेटदर्द की शिकायत पर डायनापार का एक इंजेक्शन लगाया था। इसके अलावा कोई दवा या इंजेक्शन नहीं दिया। इंफेक्शन कैसे हुआ नहीं पता।
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सुनील कुमार गंगवार ने बताया कि उन्हें एक साल से लिवर की बीमारी है। उन्होंने बरेली के शास्त्रीनगर स्थित स्वरूप क्लीनिक में डॉ. प्रेमस्वरूप से इलाज कराया था। आठ जनवरी को पेट दर्द बढ़ने पर डॉ. प्रेमस्वरूप ने इंजेक्शन लगाए और दवाएं दीं। इससे दर्द तो कम नहीं हुआ, बल्कि बायां हाथ सूज गया और इंफेक्शन हो गया। एक पखवाड़े में डॉ. प्रेमस्वरूप ने कई बार महंगे इंजेक्शन लगाए। इसके बाद उन्होंने सुनील को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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दूसरे चिकित्सक ने बताया कि संक्रमण बहुत बढ़ गया है। हाथ कटवाना भी पड़ सकता है। इस बीच इलाज में 50,000 रुपये से अधिक खर्च हो गए। आठ हजार रुपये का एक इंजेक्शन लगाया गया।
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शिकायत पर सीएमओ ने स्पष्टीकरण मांगा तो डॉ. प्रेमस्वरूप ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया। उन्होंने बताया कि पेटदर्द की शिकायत पर डायनापार का एक इंजेक्शन लगाया था। इसके अलावा कोई दवा या इंजेक्शन नहीं दिया। इंफेक्शन कैसे हुआ नहीं पता।