तेल में खेल: इंडियन ऑयल ने रोडवेज को भेजा पानी-केरोसिन मिला हुआ डीजल, अनलोडिंग के दौरान पकड़ी गई मिलावट
आईओसी के आंवला डिपो से 20 हजार लीटर क्षमता का टैंकर मंगलवार दोपहर 12 बजे बरेली डिपो पहुंचा। अनलोडिंग के दौरान जब डीजल की जांच की गई तो उसमें पानी और केरोसिन मिला पाया गया।
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बरेली में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की ओर से रोडवेज को पानी व केरोसिन मिला हुआ डीजल भेज दिया गया। बरेली डिपो के पंप पर अनलोडिंग के लिए टैंकर का बॉल्व खोला गया तो डीजल की गुणवत्ता पर शक हुआ। जांच में पता लगा कि उसमें केरोसिन और पानी मिला है।
टैंकर को खड़ा कराकर डीजल पंप इंचार्ज अजीत बख्शी ने अधिकारियों को सूचना दी। मंगलवार देर शाम वहां पहुंचे आईओसी के सेल्स मैनेजर स्वप्निल कुमार ने दूसरा टैंकर भेजने की बात कहकर मामला रफादफा कर दिया। हालांकि, केरोसिन कहां से आया, इस सवाल का जवाब आना बाकी है।
आईओसी के आंवला डिपो से 20 हजार लीटर क्षमता का टैंकर (यूपी 25 बीटी 5278) मंगलवार दोपहर 12 बजे बरेली डिपो पहुंचा। टैंकर पर चालक संजय सिंह और क्लीनर विजय थे। टैंकर में पांच-पांच हजार लीटर के चार हिस्से थे। इनमें भरे डीजल के सैंपल भी आईओसी ने टैंकर के साथ ही भेजे थे।
डीजल पंप प्रभारी अजीम बख्शी ने टैंकर अनलोड कराने के लिए पहले पार्ट का वॉल्व खोलकर सैंपल से मिलान किया तो गड़बड़ी का संदेह हुआ। इस पर पहले पार्ट से एक ड्रम में 50 लीटर डीजल निकाला गया। जांच में पता लगा कि डीजल में पानी और केरोसिन की मिलावट है।
पुलिस से नहीं की गई शिकायत
सूचना पर आईओसी के सेल्स मैनेजर स्वप्निल कुमार मौके पर पहुंचे। शाम सात बजे तक उनकी रोडवेज के अधिकारियों से वार्ता होती रही। बाद में दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी कि आईओसी दूसरा डीजल टैंकर भेजेगा। उसके बाद इस डीजल टैंकर को वापस मंगा लिया जाएगा। रोडवेज या आईओसी के अधिकारियों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत नहीं की गई है।
30 मई को भी बरेली डिपो के वर्कशॉप में इंडियन ऑयल के टैंकर से 436 लीटर डीजल चोरी का मामला पकड़ा गया था। जांच में पुष्टि होने पर टैंकर चालक धनपाल के खिलाफ रिपोर्ट करा दी गई पर इंडियन ऑयल और रोडवेज के किसी अधिकारी पर आंच तक नहीं आई।
अप्रैल 2023 में आईओसी ने रोडवेज के लिए डीजल आपूर्ति शुरू की थी। इससे पहले रोडवेज बसों में निजी पेट्रोल पंपों से डीजल भरवाया जाता था। आपूर्ति शुरू होने के बाद आठ माह में ही दूसरी बार डीजल आपूर्ति में गड़बड़ी सामने आने के बाद तमाम सवाल उठ रहे हैं।
चालक बोले- घटिया डीजल खराब हो रहे बसों के इंजन
बरेली डिपो के चालकों को जब डीजल में मिलावट की जानकारी हुई तो उन्होंने भी रोष जताया। कहा कि डीजल औसत को लेकर उन पर दबाव बनाया जाता है। मिलावटखोरी व घटतौली से बसों का डीजल औसत बिगड़ रहा है। इंजन भी जल्दी खराब हो रहे हैं। डीजल औसत खराब होने पर अधिकारी चालकों से रिकवरी करते हैं, वहीं मिलावटखोरी और घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। वर्कशॉप पहुंचे रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने मामले की जांच की मांग की।
बरेली डिपो के एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आईओसी से आए टैंकर में भरे डीजल की गुणवत्ता जांच के दौरान खराब पाई गई। टैंकर को अनलोड नहीं कराया गया। आईओसी के सेल्स मैनेजर ने इसके बदले दूसरा डीजल टैंकर भेजने की बात कही है। दूसरा टैंकर आने तक यह टैंकर वर्कशॉप में खड़ा करा लिया गया है।