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तीन दिनों में दिलों पर छा गई पहाड़ी संस्कृति

Sun, 17 Jan 2016 01:41 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 17 Jan 2016 01:41 AM IST
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In three days , there were hearts mountain culture
बरेली। ठंड के बीच भी लोग बरेली क्लब मैदान में पहाड़ की लोक संस्कृति के रंग में रंगे रहे। उत्तरायणी मेले के अंतिम दिन भी लोक संगीत की ऐसी रसधार बही कि दर्शक सुबह से शाम तक ग्राउंड में जमे रहे। पहाड़ के नामचीन लोक कलाकारों और सांस्कृतिक ग्रुप के धमाल को खूब वाहवाही मिली। तीन दिन तक शहर में पहाड़ की संस्कृति के रंग बिखेरकर कलाकारों ने विदाई ली।
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पूरन सिंह दानू ने गीत इजा बाबू की को सुनो आज का दिन...नाती नातिनियों कसि के जुला पहाड़ तुम बिन... गाकर दिल जीता। ठंडो हो, ठंडो म्यार, पहाड़ को पानी, ठंडो हवा ठंडो... हीरा समधिनी और नेपाली नृत्य की पेशकश ने दर्शकों को खूब झूमाया। दीवान सिंह कनवाल ने आराध्य देवी नंदा सुनंदा की वंदना गाई। इसके बाद रूठी पत्नी को मनाने की पेशकश हंसनि किलै न बोलनि किलै नै, दाज्यू मेरी घरवाली रिसैगे... से खूब हंसाया। हेमा ध्यानी ने ऐन मैंन मेरी सुवा जसि लागि रै..., घास काटन जूलो इजू ऊंची डांणो में, सासु मेरी झूलै रौलि मन- मन में... सुनाकर दिल जीता। हरिया कांकड़ी झील में नून पिस्यो सील में, दूरी- दूरी त्यार-म्यार बीच फिर तै म्यारा दिल में... सुनाया। उर्मिला मेहता और रविराज ने हिट हो भूला, हिटौ बैना घास काटन जानू... गाया। पहाड़ों की शादी का हास्य नाटक ‘तिल धार बोल शाबास म्यारा मोतिया बल्दा’ भी खूब पसंद किया गया। कार्यक्रम में बिथरी चैनपुर के विधायक वीरेंद्र सिंह, ब्रिगेडियर हरित पंत जीओसी, सीएमओ डॉ. विजय यादव, नगर आयुक्त शीलधर यादव भी पहुंचे। इस मौके पर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष शंभूदत्त नैनवाल और आईएमए ब्लड बैंक की निदेशक अंजू उप्पल को सम्मानित किया गया। मेले में सुरेंद्र सिंह बिष्ट, देवेंद्र जोशी, माधवानंद तिवारी, प्रमोद बिष्ट, शंभूदत्त बेलवाल, डीडी बेलवाल आदि का सहयोग रहा।
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वायस ऑफ इंडिया विजेता पवन दीप के ग्रुप ने दी प्रस्तुति
कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण लोहाघाट के कलाकारों ने पहाड़ की खेती, बैल से खेत जोतना और महिलाआें द्वारा खेत में काम करने की अनूठी प्रस्तुति दिखाई। इसी ग्रुप में परफारमेंस देने वाले कलाकार पवन दीप राजेन इस बार वायस ऑफ इंडिया के विजेता बने हैं। उनके भाई रमेश राजेन, दोस्त सुरेश कुमार और पूजा ने बताया कि हम लोग बचपन से इस ग्रुप से जुड़े हैं। वायस ऑफ इंडिया के विजेता पवन दीप ने भी बरेली में परफारमेंस दी है।
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