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Bareilly News: मुआवजा वितरण और नहर की भूमि पर कब्जा कराने में भी आईएएस अभिषेक का जिक्र
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बरेली। आईएएस अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद बरेली में चर्चाओं का दौर जारी है। यहां बतौर डीएम उनकी तैनाती के दौरान ही बड़ा बाइपास का निर्माण हुआ था। इस दौरान मुआवजे के अनियमित भुगतान और नहर की भूमि पर कब्जा कराने में बिल्डरों से सांठगांठ की बात कही जा रही है।
आईएएस अभिषेक प्रकाश करीब दो साल तक बरेली में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रहे। बताते हैं कि बड़ा बाइपास निर्माण के लिए भू अधिग्रहण के दौरान किसानों के मुआवजे में खेल किया था। लिहाजा, कई किसान आज भी मुआवजा के लिए कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करने वाली एक निजी टाउनशिप को मंजूरी देने के लिए मानकों को दरकिनार करने और दूसरे नामों से काले धन के निवेश की भी चर्चा रही। सिंचाई विभाग की नहर की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जा कर बसाई गई एक पॉश कॉलोनी की जांच कराई गई थी। तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश ने जांच में इसे क्लीन चिट दे दी थी। उनके बाद तैनात रहे एक अफसर ने मामले की जांच कराई तो कब्जे की पुष्टि हुई थी।
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पशु शेल्टर होम के निर्माण के लिए
मेनका गांधी से हुई थी कहासुनी
बताया जाता है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन आंवला सांसद मेनका गांधी ने सांसद निधि से चौबारी में पशु शेल्टर होम के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये अवमुक्त करने के लिए लिखा, पर डीएम अभिषेक ने धनराशि जारी नहीं की थी। तब दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। मेनका गांधी ने लखनऊ पहुंचकर सीएम से शिकायत की थी। इसके बावजूद बजट जारी नहीं किया। उनके तबादले के बाद आए डीएम ने शेल्टर होम के लिए धन जारी कराया था। ब्यूरो
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आईएएस अभिषेक प्रकाश करीब दो साल तक बरेली में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रहे। बताते हैं कि बड़ा बाइपास निर्माण के लिए भू अधिग्रहण के दौरान किसानों के मुआवजे में खेल किया था। लिहाजा, कई किसान आज भी मुआवजा के लिए कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करने वाली एक निजी टाउनशिप को मंजूरी देने के लिए मानकों को दरकिनार करने और दूसरे नामों से काले धन के निवेश की भी चर्चा रही। सिंचाई विभाग की नहर की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जा कर बसाई गई एक पॉश कॉलोनी की जांच कराई गई थी। तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश ने जांच में इसे क्लीन चिट दे दी थी। उनके बाद तैनात रहे एक अफसर ने मामले की जांच कराई तो कब्जे की पुष्टि हुई थी।
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पशु शेल्टर होम के निर्माण के लिए
मेनका गांधी से हुई थी कहासुनी
बताया जाता है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन आंवला सांसद मेनका गांधी ने सांसद निधि से चौबारी में पशु शेल्टर होम के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये अवमुक्त करने के लिए लिखा, पर डीएम अभिषेक ने धनराशि जारी नहीं की थी। तब दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। मेनका गांधी ने लखनऊ पहुंचकर सीएम से शिकायत की थी। इसके बावजूद बजट जारी नहीं किया। उनके तबादले के बाद आए डीएम ने शेल्टर होम के लिए धन जारी कराया था। ब्यूरो