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Bareilly News: बरेली में निजी टाउनशिप को फायदा दिलाने में भी घिरे थे आईएएस अभिषेक

Fri, 21 Mar 2025 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 21 Mar 2025 01:58 AM IST
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IAS Abhishek was also involved in benefiting a private township in Bareilly
बरेली। निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश बरेली में बतौर डीएम तैनाती के दौरान भी चर्चा में रहे। बरेली-लखनऊ हाईवे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया का दावा कर बसाई गई निजी टाउनशिप में स्टांप कम लगाए जाने में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठे। भू उपयोग परिवर्तन में भी नियमों की अनदेखी कर बिल्डर को राहत दी गई। इसकी जांच शुरू हुई, पर अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अधिकारियों का कहना है कि शासन में यह जांच प्रचलित है। कोर्ट में भी टाउनशिप विकासकर्ता ने वाद दायर किया है।
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अभिषेक प्रकाश 31 जुलाई 2012 को बरेली के डीएम बनाए गए थे। आठ जून 2014 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। इस बीच जमीन के मामलों से लेकर मांस कारोबारी से उनकी नजदीकी खूब चर्चा में रही। यह भी कहा जाता है कि जिस निजी टाउनशिप को नियमों को ताक पर रखकर बसाया गया, उसमें उनका भी निवेश शामिल था। हालांकि, इन शिकायतों के साक्ष्य सार्वजनिक नहीं हो सके।
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वर्ष 2021 में बलिया के तत्कालीन सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में उनके खिलाफ शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि बरेली में डीएम रहते हुए उन्होंने बरेली-शाहजहांपुर हाईवे पर करीब 400 बीघा जमीन खरीदी। इसमें पद का लाभ उठाते हुए स्टांप ड्यूटी की चोरी की। इसी जमीन पर यह विवादित निजी टाउनशिप बसी। इसकी जांच शुरू हुई और तत्कालीन डीएम से रिपोर्ट भी मांगी गई थी।
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इस मामले में एसडीएम सदर ने जांच की। मंडलायुक्त कार्यालय में इसके खिलाफ अपील हुई। यहां से केस सुनवाई के लिए एसडीएम कार्यालय को लौटा दिया गया। राजस्व परिषद में अपील हुई तो जांच लखनऊ के एसडीएम सदर को ट्रांसफर हो गई। यह उस समय हुआ, जब अभिषेक प्रकाश खुद लखनऊ के डीएम थे। यह प्रकरण अभी लंबित है और इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस मामले में स्थानीय अधिकारी भी बोलने से बच रहे हैं।

मांस कारोबारी के साथ भी जुड़ा नाम
बरेली में तैनाती के दौरान एक मांस कारोबारी के साथ भी उनका नाम जुड़ा। स्लॉटर हाउस संचालन में खामियां पाए जाने और इनकी जांच में राहत दिलवाने में उनकी भूमिका चर्चा में रही। आरोप था कि स्लॉटर हाउस में उनकी साझेदारी थी, पर इस बाबत कोई साक्ष्य नहीं मिले।


प्रतिष्ठान संचालकों को मनमुटाव पड़ा था भारी
बताया जाता है कि कार्यकाल के दौरान अभिषेक प्रकाश की शहर के एक बड़े कपड़ा कारोबारी से मनमुटाव की चर्चा थी। कार्यकाल के दौरान दर्जनभर से ज्यादा विभागों से छापा डलवाने की चर्चा रही। एक निजी अस्पताल को सील कराने को लेकर भी चर्चा में रहे। बताते हैं कि अस्पताल संचालक ने डीएम की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसी के बाद कार्रवाई हुई थी।
ब्यूरो
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