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दिल्ली-लखनऊ हाईवे- छोटे-मोटे कामों को छोड़ खतरनाक खड्ड तो छुआ भी नहीं जा रहा
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बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एनएचएआई की टीम ने गड्ढे भरने के लिए जो पैच वर्क किए हैं, वह बारिश से अभी से ही उधड़ने शुरू हो गए हैं। हाईवे पर छोटे-मोटे कामों को छोड़ दिया जाए तो अभी बड़े कामों को छुआ तक नहीं गया है। आगे बारिश से हाईवे की स्थिति और भी ज्यादा खराब होगी। फरीदपुर बाईपास पर मिट्टी फिर से बहना शुरू हो गई है। इससे यहां हाईवे के धंसने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
आए दिन एक्सीडेंट से ‘खूनी’ हो चुके इस हाईवे पर जगह-जगह पर मौत के खड्ड बने हुए हैं। बरेली-फरीदपुर के बीच गौसगंज के पास हाईवे का एक हिस्सा बना नही है। इससे यहां रूट डायवर्जन से यहां कई एक्सीडेंट हो चुके हैं। इसमें उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे, हल्द्वानी के आयकर अधिकारी सहित कई लोगों की मौत हो चुकी है। एनएचएआई के अधिकारियों ने पहले तो कोई ध्यान नहीं दिया। अब बारिश में ठेका देकर रोड मरम्मत के नाम पर सिर्फ दिखावा ही किया जा रहा है। हादसों के बाद गौसगंज में गड्ढा भरने और स्पीड ब्रेकर बनाए गए लेकिन ये भी टूटने लगे है। बारिश से पैच का कोलतार फिर से उधड़ने लगा है। यही पासा में हाईवे से लगा दलदल भी है। यहां भी अनियंत्रित होकर एक कार इसमें गिर गई। इसके बाद भी एनएचएआई ने यहां क्रश बैरियर नहीं लगाए हैं। आगे फरीदपुर बाईपास के पास भी कुछ गड्ढे भरे गए हैं लेकिन पिछली बारिश में यहां हुए खतरनाक खड्ड और हाईवे के धंसने से बनी गहरी दरारों को अब तक छुआ तक नहीं गया है। जबकि सबसे ज्यादा खतरा यही पर है। फ्लाईओवर पर पड़ी मिट्टी भी बारिश से बहकर नीचे एक तरफ बनी सर्विस लेन पर इकट्ठा होने लगी है। यहां एक साइड में सर्विस लेन होने से दोनों तरफ का ट्रैफिक भी इसी से होकर गुजर रहा है। इसके आगे गुरुद्वारा फ्लाईओवर की हालत भी खराब है। एनएचएआई की टीम धीमी स्पीड से मरम्मत कर रही है।
एनएचएआई के अधिकारियों से बात हुई है। हाईवे पर मरम्मत के काम हो रहे हैं। अगर पैच के काम ठीक नहीं है तो उन्हें जल्द ही सही कराया जाएगा। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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आए दिन एक्सीडेंट से ‘खूनी’ हो चुके इस हाईवे पर जगह-जगह पर मौत के खड्ड बने हुए हैं। बरेली-फरीदपुर के बीच गौसगंज के पास हाईवे का एक हिस्सा बना नही है। इससे यहां रूट डायवर्जन से यहां कई एक्सीडेंट हो चुके हैं। इसमें उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे, हल्द्वानी के आयकर अधिकारी सहित कई लोगों की मौत हो चुकी है। एनएचएआई के अधिकारियों ने पहले तो कोई ध्यान नहीं दिया। अब बारिश में ठेका देकर रोड मरम्मत के नाम पर सिर्फ दिखावा ही किया जा रहा है। हादसों के बाद गौसगंज में गड्ढा भरने और स्पीड ब्रेकर बनाए गए लेकिन ये भी टूटने लगे है। बारिश से पैच का कोलतार फिर से उधड़ने लगा है। यही पासा में हाईवे से लगा दलदल भी है। यहां भी अनियंत्रित होकर एक कार इसमें गिर गई। इसके बाद भी एनएचएआई ने यहां क्रश बैरियर नहीं लगाए हैं। आगे फरीदपुर बाईपास के पास भी कुछ गड्ढे भरे गए हैं लेकिन पिछली बारिश में यहां हुए खतरनाक खड्ड और हाईवे के धंसने से बनी गहरी दरारों को अब तक छुआ तक नहीं गया है। जबकि सबसे ज्यादा खतरा यही पर है। फ्लाईओवर पर पड़ी मिट्टी भी बारिश से बहकर नीचे एक तरफ बनी सर्विस लेन पर इकट्ठा होने लगी है। यहां एक साइड में सर्विस लेन होने से दोनों तरफ का ट्रैफिक भी इसी से होकर गुजर रहा है। इसके आगे गुरुद्वारा फ्लाईओवर की हालत भी खराब है। एनएचएआई की टीम धीमी स्पीड से मरम्मत कर रही है।
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एनएचएआई के अधिकारियों से बात हुई है। हाईवे पर मरम्मत के काम हो रहे हैं। अगर पैच के काम ठीक नहीं है तो उन्हें जल्द ही सही कराया जाएगा। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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