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प्राइवेट अस्पताल ने फिट बताकर किया डिस्चार्ज, 15 घंटे बाद हो गई मौत
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बरेली। शहर के प्रेमनगर क्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल ने रेलवे के रिटायर्ड कर्मी को चार दिन भर्ती रखा। इसके बाद फिट बताकर उसे डिस्चार्ज कर दिया। परिजन कहते रहे कि अभी मरीज पीठ और सीने में दर्द की शिकायत कर रहा है, लेकिन अस्पताल ने फाइल तैयार हो जाने की बात कहकर डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचने के 15 घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल प्रबंधन की शिकायत की है।
शहर के रेलवे कॉलोनी निवासी राहुल चौहान ने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड रेलवे कर्मी छोटेलाल को आठ नवंबर को सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर की शिकायत पर रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें प्रेमनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में आठ नवंबर को भर्ती कराया। वहां तीन दिन तक उन्हें आईसीयू में रखा गया। 11 नवंबर को डॉक्टरों ने उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया, लेकिन वह सीने और पीठ में दर्द की शिकायत करते रहे। इस पर डॉक्टरों ने ठीक हो जाने का भरोसा दिलाया। राहुल का आरोप है कि मना करने के बाद भी डॉक्टरों ने 11 नवंबर को उनके पिता को फिट बताकर डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचने पर रात में भी सीने और पीठ में दर्द रहा। परिजन ने अस्पताल में बात की तो कहा कि बाम लगा दो ठीक हो जाएंगे लेकिन आराम नहीं मिला। गुरुवार दोपहर दर्द तेज होने पर वह उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्हें अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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शहर के रेलवे कॉलोनी निवासी राहुल चौहान ने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड रेलवे कर्मी छोटेलाल को आठ नवंबर को सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर की शिकायत पर रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें प्रेमनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में आठ नवंबर को भर्ती कराया। वहां तीन दिन तक उन्हें आईसीयू में रखा गया। 11 नवंबर को डॉक्टरों ने उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया, लेकिन वह सीने और पीठ में दर्द की शिकायत करते रहे। इस पर डॉक्टरों ने ठीक हो जाने का भरोसा दिलाया। राहुल का आरोप है कि मना करने के बाद भी डॉक्टरों ने 11 नवंबर को उनके पिता को फिट बताकर डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचने पर रात में भी सीने और पीठ में दर्द रहा। परिजन ने अस्पताल में बात की तो कहा कि बाम लगा दो ठीक हो जाएंगे लेकिन आराम नहीं मिला। गुरुवार दोपहर दर्द तेज होने पर वह उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्हें अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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