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‘जिंदगी बचाने को सिर्फ तीन मिनट काफी’
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बरेली। एडी (हेल्थ) डॉक्टर राकेश दुबे ने कहा कि कई बार दुर्घटना के उपचार के कोई बंदोबस्त नहीं होते हैं। ऐसे में एंबुलेंस आने से पहले हम बेहोश पड़े व्यक्ति को बिना किसी दवा और इलाज के थोड़ा सा प्रयास कर जिंदगी बचा सकते हैं। इसमें अधिकतम तीन मिनट लगेंगे। वह जिला महिला अस्पताल में रोटरी क्लब बरेली चैंबर और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसिया के सहयोग से आयोजित बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
एडी हेल्थ ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर दुर्घटना के बाद बेहोश पड़ा है तो एंबुलेंस आने से पहले हम उसकी छाती पर दबाव डाल कर या मुंह से सांस देकर उसकी जिंदगी बचा सकते हैं। अगर थोड़ी देर को सांस रुक जाए तो छाती में विशेष जगह पर पांच सेंटी मीटर का दबाव देकर उसकी सांस लेने की क्रिया को वापस ला सकते हैं। कार्यशाला में इसका डेमो भी दिखाया गया। इस मौके पर सीएमओ डॉक्टर विनीत कुमार शुक्ला, एडीएस आईसी डॉक्टर टीएस आर्या। डॉक्टर एके गौतम, डॉक्टर आर के भास्कर औऱ ज़िले के कई एनेस्थेटिस्ट उपस्थित रहे। रोटरी क्लब की ओर से सभी को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया गया।
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एडी हेल्थ ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर दुर्घटना के बाद बेहोश पड़ा है तो एंबुलेंस आने से पहले हम उसकी छाती पर दबाव डाल कर या मुंह से सांस देकर उसकी जिंदगी बचा सकते हैं। अगर थोड़ी देर को सांस रुक जाए तो छाती में विशेष जगह पर पांच सेंटी मीटर का दबाव देकर उसकी सांस लेने की क्रिया को वापस ला सकते हैं। कार्यशाला में इसका डेमो भी दिखाया गया। इस मौके पर सीएमओ डॉक्टर विनीत कुमार शुक्ला, एडीएस आईसी डॉक्टर टीएस आर्या। डॉक्टर एके गौतम, डॉक्टर आर के भास्कर औऱ ज़िले के कई एनेस्थेटिस्ट उपस्थित रहे। रोटरी क्लब की ओर से सभी को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया गया।
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