{"_id":"5d619cec8ebc3e017833f9e6","slug":"haryana-police-beaten-in-doubt-of-child-theft-by-villagers-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चा चोर समझकर हरियाणा पुलिस के दरोगा-दीवान को पीटा, ग्रामीणों ने छीने पिस्टल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चा चोर समझकर हरियाणा पुलिस के दरोगा-दीवान को पीटा, ग्रामीणों ने छीने पिस्टल
Sun, 25 Aug 2019 07:19 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 25 Aug 2019 07:19 AM IST
विज्ञापन
हरियाणा पुलिस के दरोगा को पीटा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बबुरी गांव में शुक्रवार देर रात बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने हरियाणा पुलिस के एक दरोगा, हेड कांस्टेबल और उनकी प्राइवेट कार के चालक को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई की। कार में भी तोड़फोड़ की। बचने के लिए जब दरोगा ने पिस्टल निकाली तो भीड़ ने छीन ली। गांव के ही कुछ लोगों ने भीड़ से तीनों को बचाकर एक कमरे में बंद कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आई निघासन थाना पुलिस बमुश्किल उन तीनों को अपने साथ ले जा सकी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- यूपी: स्कूटी सवार तीन किशोरों ने किशोरी के फाड़े कपड़े
विज्ञापन
अंबाला (हरियाणा) के बलदेव नगर थाने में तैनात दरोगा ओमप्रकाश और हेड कांस्टेबल सुरजीत सिंह लखनऊ हाईकोर्ट किसी काम से गए थे। वहां से कार से वे लोग सीतापुर से पलिया, शाहजहांपुर होते हुए अंबाला के लिए निकले। कार राहुल चला रहा था। हेड कांस्टेबल सुरजीत के मुताबिक यह रास्ता उन्होंने गूगल मैप से मिला। इसी मैप के सहारे वे धौरहरा होते हुए सिसैया क्रशर तक तो पहुंच गए, मगर इसके बाद रास्ता भटक गए। रात के समय बबुरी गांव पहुंचकर उनकी कार कीचड़ में फंस गई। हेडकांस्टेबल सुरजीत मदद के लिए पास में ही मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मष्टमी कार्यक्रम में शामिल पांच छह लोगों को बुला लाया और उनकी मदद से कार बाहर निकलवा ली।
विज्ञापन
इसी बीच दरोगा ओमप्रकाश ने बबुरी के रहने वाले मैनेजर नामक युवक से निघासन जाने का रास्ता पूछा और थोड़ी दूरी के लिए उसे गाड़ी में बैठने को कहा। कीचड़ से कार निकलने के बाद मैनेजर अपने एक साथी के साथ कार में बैठ गया। इसी बीच कुछ ग्रामीण बच्चा चोर समझकर मौके पर आ गए और घेराबंदी करके सभी को पकड़ लिया। इन लोगों का कहना था कि भले ही इनमें एक ने वर्दी पहन रखी हो, इस इलाके में बदमाश ऐसे ही वेश बदलकर आते हैं। यह कहते हुए दरोगा, सिपाही और चालक की जमकर पिटाई की। गाड़ी के शीशे तोड़कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
दरोगा ने अपनी पिस्टल निकालकर ग्रामीणों को धमकाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने पिस्टल छीन ली। भीड़ हमलावर हुई तो गांव के ही कुछ लोगों ने उन तीनों को बचाकर एक कमरे में बंद करने के बाद निघासन थाना पुलिस को सूचना दी। घटना का पता चलने पर सीओ राकेश कुमार नायक और प्रभारी निरीक्षक दीपक शुक्ल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह लोगों से दरोगा की पिस्टल कब्जे में ली। जब तीनों को लेकर थाना पुलिस रवाना हुई तो ग्रामीण उन्हें से उलझ गए। सीओ ने किसी तरह से ग्रामीणों को शांत कराया।
ग्रामीणों ने बदमाश समझकर मारपीट की है। हरियाणा पुलिस कर्मियों की ओर से तहरीर दी गई है। एफआईआर दर्ज करके हमलावरों को गिरफ्तार किया जाएगा- शैलेंद्र लाल एएसपी