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Bareilly News: बच्चों की सेहत पर नौतपा भारी, डायरिया संदिग्ध मिले सात सौ बच्चे
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बरेली। नौतपा बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेले में करीब 702 बच्चों में डायरिया संदिग्ध के लक्षण मिले, जबकि बीते रविवार 544 बच्चे ही इलाज के लिए पहुंचे थे। इस बार पहुंचे जिन बच्चों की हालत गंभीर थी, उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इससे बच्चा वार्ड फिर फुल हो गया।
करीब माहभर से पड़ रही गर्मी के चलते जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों में बीमार बच्चों की कतार लग रही है। रविवार को आरोग्य मेले में बड़ी तादाद में बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। फरीदपुर, बहेड़ी, नवाबगंज, क्यारा, आवंला, क्योलडिया, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और पूर्वी सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उल्टी, दस्त, सर्द गर्म, त्वचा और सांस संबंधी रोगों की चपेट में रहे बच्चे और बड़े इलाज के लिए पहुंचे। फरीदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक इलाज के लिए पहुंचे 88 मरीजों में 36 बच्चे रहे। इनमें से कुछ बच्चों को त्वचा संबंधी परेशानी की शिकायत थी। बहेड़ी सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजमेर सिंह के मुताबिक आरोग्य मेला में 69 मरीज इलाज को पहुंचे थे। इसमें 24 बच्चे थे।
ओपीडी में इलाज को पहुंचने वाले बच्चों में कई कंजक्टिवाइटिस यानी आंखों के लाल होने से भी परेशान थे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय के मुताबिक गर्मी में आंखों की देखभाल उचित न होने पर संक्रमण हो जाता है। आईड्रॉप समेत एलर्जी की दवा दी गई है। साथ ही, आंखों को दिन में तीन से चार बार धाेने, छींटे मारने, धूप में निकलने पर चश्मा लगाने और तकलीफ बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा है।
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जिला अस्पताल बच्चा वार्ड में सप्ताह भर पूर्व डायरिया पीड़ित बच्चों की तादाद बढ़ने पर बंद पड़े हार्ट वार्ड को खोला गया। दस बेड बढ़ाए गए ताकि कोई बच्चा बगैर इलाज वापस न हो। रविवार को 40 बच्चे भर्ती होने से यह वार्ड भी भर गया। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक बच्चों को इलाज मिले यही प्रयास है।
बीते चार रविवार को कितने बच्चे पहुंचे
तिथि बच्चों की संख्या
19 मई 602
12 मई 578
05 मई 543
28 अप्रैल 521
21 अप्रैल 488
ये हैं बचाव के सुझाव
- हल्के सूती वस्त्र पहनाएं। कई बार पानी पिलाएं।
- घर में ओआरएस के पैकेट रखें। दस्त हो तो पिलाएं।
- सुबह 11 से शाम पांच बजे तक धूप में न जाने दें।
- धूप में खड़ी कार में भी बच्चों को अकेला न छोड़ें।
- घर के एक कमरे को ठंडा बनाएं, वहीं बच्चों रखें।
- सिरदर्द, चक्कर, बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- खानपान और रहन सहन में सफाई का ध्यान रखें।
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करीब माहभर से पड़ रही गर्मी के चलते जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों में बीमार बच्चों की कतार लग रही है। रविवार को आरोग्य मेले में बड़ी तादाद में बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। फरीदपुर, बहेड़ी, नवाबगंज, क्यारा, आवंला, क्योलडिया, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और पूर्वी सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उल्टी, दस्त, सर्द गर्म, त्वचा और सांस संबंधी रोगों की चपेट में रहे बच्चे और बड़े इलाज के लिए पहुंचे। फरीदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक इलाज के लिए पहुंचे 88 मरीजों में 36 बच्चे रहे। इनमें से कुछ बच्चों को त्वचा संबंधी परेशानी की शिकायत थी। बहेड़ी सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजमेर सिंह के मुताबिक आरोग्य मेला में 69 मरीज इलाज को पहुंचे थे। इसमें 24 बच्चे थे।
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ओपीडी में इलाज को पहुंचने वाले बच्चों में कई कंजक्टिवाइटिस यानी आंखों के लाल होने से भी परेशान थे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय के मुताबिक गर्मी में आंखों की देखभाल उचित न होने पर संक्रमण हो जाता है। आईड्रॉप समेत एलर्जी की दवा दी गई है। साथ ही, आंखों को दिन में तीन से चार बार धाेने, छींटे मारने, धूप में निकलने पर चश्मा लगाने और तकलीफ बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा है।
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जिला अस्पताल बच्चा वार्ड में सप्ताह भर पूर्व डायरिया पीड़ित बच्चों की तादाद बढ़ने पर बंद पड़े हार्ट वार्ड को खोला गया। दस बेड बढ़ाए गए ताकि कोई बच्चा बगैर इलाज वापस न हो। रविवार को 40 बच्चे भर्ती होने से यह वार्ड भी भर गया। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक बच्चों को इलाज मिले यही प्रयास है।
बीते चार रविवार को कितने बच्चे पहुंचे
तिथि बच्चों की संख्या
19 मई 602
12 मई 578
05 मई 543
28 अप्रैल 521
21 अप्रैल 488
ये हैं बचाव के सुझाव
- हल्के सूती वस्त्र पहनाएं। कई बार पानी पिलाएं।
- घर में ओआरएस के पैकेट रखें। दस्त हो तो पिलाएं।
- सुबह 11 से शाम पांच बजे तक धूप में न जाने दें।
- धूप में खड़ी कार में भी बच्चों को अकेला न छोड़ें।
- घर के एक कमरे को ठंडा बनाएं, वहीं बच्चों रखें।
- सिरदर्द, चक्कर, बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- खानपान और रहन सहन में सफाई का ध्यान रखें।