फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Got a chance to amend the marksheet, then the layers were opened

Bareilly News: अंकपत्र में संशोधन का मिला मौका तो खुलीं परतें

Tue, 13 Jun 2023 01:40 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Tue, 13 Jun 2023 01:40 AM IST
विज्ञापन
Got a chance to amend the marksheet, then the layers were opened
बरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में अंकपत्रों में संशोधन के लिए शिविर लगाया गया। इसमें 181 शिकायतें आईं। साल 2023 समेत पिछले कई वर्षों के अंकपत्रों में भी संशोधन के मामले सामने आए। ज्यादातर अंकपत्रों में अभिभावकों के नाम और जन्म तिथि में संशोधन के लिए आवेदन किया गया। लोगों की समस्याएं सुनकर बोर्ड की टीम ने संशोधन के लिए अंकपत्र जमा करा लिए।
विज्ञापन

केस-1
प्रधानाचार्य के नहीं आने से मिली मायूसी
रामपुर के शब्बान खान ने बताया कि उनकी बेटी ने मीरगंज के राजेंद्र प्रसाद इंटर कॉलेज से पढ़ाई की है। अंकपत्र में उनका नाम बदल कर रफ्फान कर दिया गया है। सुधार कराने आए थे, लेकिन प्रधानाचार्य ही नहीं पहुंचे। अब रामपुर लौटना और कल फिर आना चुनौतीपूर्ण है।
विज्ञापन

केस- 2
बोर्ड ने बदल दिया मां का नाम
इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा की मां का नाम सायरा बेगम की जगह सायरा बेगुम हो गया था। शिविर में छात्रा ने संबंधित दस्तावेजों के साथ पहुंचकर आवेदन किया। प्रधानाचार्य की संस्तुति के बाद सुधार के लिए उसका अंक पत्र जमा करा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस- 3
2016 से भटक रहे, अब जगी उम्मीद
गुरमीत की मां का नाम गलती से हरनाम सिंह के स्थान पर अनमान सिंह दर्ज हो गया था, जिसके चलते साल 2016 से वह भटक रहे थे। नाम में गलती की वजह से नौकरी में भी काफी दिक्कतें आईं। फिलहाल संशोधन के लिए अंकपत्र जमा किया गया है।
केस- 4
हाथ से निकल गया सरकारी नौकरी का मौका
अंकपत्र में नाम के दो अक्षर गलत होने की वजह से सरकारी नौकरी का मौका खो चुकीं आरफीन ने बताया कि नाम में संशोधन के लिए कई बार स्कूल के चक्कर काटे, लेकिन सुधार नहीं हो सका। शिविर में आवेदन किया तो अंकपत्र जमा कराया गया है।
---
अभ्यर्थियों का सवाल... कब तक वापस मिलेंगे अंक पत्र
लगभग हर परीक्षार्थी ने बोर्ड के अधिकारियों से यही सवाल किया कि संशोधन के बाद उनके अंकपत्र कब तक वापस मिलेंगे। बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि संशोधन की लंबी प्रक्रिया है। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि जिन अंकपत्रों में नाम में संशोधन होने हैं, उन्हें 10-15 दिनों में वापस कर दिया जाए। जन्म तिथि के संशोधन में चार सप्ताह तक का समय लग सकता है।
नदारद रहे प्रधानाचार्य, भटकते रहे अभ्यर्थी
कई स्कूलों के विद्यार्थी और उनके अभिभावक महज इसलिए परेशान हुए क्योंकि शिविर में प्रधानाचार्य ही नहीं पहुंचे थे। सारे दस्तावेज पूरे होने के बाद भी उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

ढाई हजार परीक्षार्थियों ने चुना स्क्रूटनी का विकल्प
ढाई हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। इंटरमीडिएट के 2,131 और हाईस्कूल के 490 विद्यार्थियों की कॉपियां दोबारा जांची जा रही हैं। कई परीक्षार्थियों का कहना है कि उनकी कॉपियां ठीक से नहीं जांची गई हैं, तो कई ने नंबर बढ़ने की उम्मीद में दोबारा जांचने के लिए आवेदन किया है।
आज भी लगेगा शिविर
बोर्ड की ओर से जीआईसी में आज भी शिविर लगाया जाएगा। यह आखिरी मौका होगा। इसके बाद संशोधन के लिए बोर्ड कार्यालय में ही संपर्क करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed