अलविदा 2025: वैश्विक रैंकिंग ने बढ़ाई रुहेलखंड विश्वविद्यालय की साख, खामियों ने छकाया
साल 2025 में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल कीं तो खामियों ने भी पीछा नहीं छोड़ा। उच्च शिक्षा के लिहाज से यह साल मिला-जुला रहा।
विस्तार
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया में दक्षिण एशिया के विश्वविद्यालयों में रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 297वां स्थान प्राप्त किया। टाइम्स हायर एजुकेशन के इंटर डिसिप्लनरी साइंस रैंकिंग (आईएसआर) में रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 351-400 बैंड हासिल किया। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नेशन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एआईआरएफ रैंकिंग 2025) में रुविवि ने 51-100 बैंड हासिल की। बरेली कॉलेज वर्ल्ड हेरिटेज बनते-बनते रह गया।
उपलब्धियां
- कर बकाया में दो साल से सीज चल रहे बरेली कॉलेज के 38 खाते खुले।
- बरेली कॉलेज के 11 शिक्षकों को पदोन्नति मिली।
- रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 50 वर्ष पूरे। स्वर्ण जयंती द्वार, योग व चंदन वाटिका की सौगात मिली।
- प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत ट्रांजिशन हॉस्टल व डिस्टेंस लर्निंग हब के निर्माण की शुरुआत हुई।
- रुविवि को आईआईटी रोपड़ के साथ सौ करोड़ के प्रोजेक्ट में शामिल होने का अवसर मिला। कुलपति प्रो. केपी सिंह समेत सात वैज्ञानिक इस टीम का हिस्सा हैं।
- हब एंड स्पोक मॉडल : गांव तक पहुंचेगी तकनीक।
- हब : शहर के जीआईसी और जीजीआईसी को मुख्य केंद्र बनाया गया है।
- स्पोक : इनके 20 किमी के दायरे में आने वाले तीन-तीन माध्यमिक स्कूलों को जोड़ा गया है।
- नगर निगम ने 16 करोड़ रुपये कर बकाया की वजह से रुविवि के 14 बैंक खाते सीज किए।
- रुविवि के नाइजीरियन छात्र यूसुफ बाला मुस्तफा को पासपोर्ट संबंधी कागजातों में गड़बड़ी की वजह से जेल जाना पड़ा।
- रुविवि की सम सेमेस्टर परीक्षाओं में भौतिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में सवालों के साथ उत्तर छपने का मामला चर्चित रहा।
- बरेली कॉलेज में बिजली के खंभे गिरे। सामूहिक विवाह समारोह समेत कई बड़े आयोजनों ने कॉलेज के ग्राउंड को रौंदा।
- बरेली कॉलेज का महिला छात्रावास तमाम दावों के बावजूद इस वर्ष नहीं शुरू हो सका।
- बरेली कॉलेज में परीक्षा के दौरान उपद्रवी छात्रों ने शिक्षकों पर पत्थरबाजी भी की।
राजकीय स्कूलों में ड्रीम लैब की शुरुआत
वर्ष 2025 शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का गवाह बना। नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ हुनरमंद बनाने के लिए राजकीय स्कूलों में ड्रीम लैब की स्थापना इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। हालांकि, टाटा ड्रीम लैब प्रोजेक्ट दिसंबर तक धरातल पर नहीं उतर सका, लेकिन इसकी रूपरेखा ने सुनहरे भविष्य की नींव रख दी है।
निजी कंपनियों के सहयोग से शुरू होने वाली इस पहल में राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाईटेक कोर्स कराए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य डिग्री के साथ-साथ छात्रों को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करना है।