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छत से कूदने में गई सरगना के भतीजे की जान
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गमजदा घरवाले।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
परिवार के मुंह पर ताला, खामोशी से दफना दिया शव
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बरेली। हवाला धंधे के सरगना जमशेद का जवान भतीजा उवैस दबिश के दौरान घबरा गया और छत से कूदने में उसकी मौत हो गई। निजी अस्पताल में पुष्टि के बाद शव को दफना दिया गया। परिवार की महिलाओं ने कुछ बोलने की कोशिश की तो रिश्तेदारों ने खामोश करा दिया।
जमशेद के बड़े भाई इरशाद खां का 19 साल का बेटा उवैस दबिश के दौरान छत पर सो रहा था। घर और आसपड़ोस के मकानों में शोर और भगदड़ मची तो वह घबरा गया। बताते हैं कि नींद के बीच उवैस ने भागने की कोशिश की तो छत से सिर के बल नीचे गिर गया। चर्चा है कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई पर तसल्ली के लिए परिवार के लोग उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां मृत घोषित किया तो घर ले आए। दोपहर में ही पास के कब्रिस्तान में उसे दफना दिया गया। लोगों के मुताबिक जरी का काम करने वाला उवैस काफी मिलनसार स्वभाव का था और उसका इस धंधे से कोई दूर तक मतलब नहीं था। सबके साथ वह भी भागने लगा और हादसे का शिकार होकर जान गवां बैठा।
उवैस की मौत पर उसकी मां और परिवार की महिलाएं कुछ कहना चाहती थी पर रिश्तेदारों ने उन्हें चुप करा दिया। पुलिस ने उवैस की मौत की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। शव का पोस्टमार्टम न कराने से भी पुलिस के दावे को बल मिला।
जमशेद के बड़े भाई इरशाद खां का 19 साल का बेटा उवैस दबिश के दौरान छत पर सो रहा था। घर और आसपड़ोस के मकानों में शोर और भगदड़ मची तो वह घबरा गया। बताते हैं कि नींद के बीच उवैस ने भागने की कोशिश की तो छत से सिर के बल नीचे गिर गया। चर्चा है कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई पर तसल्ली के लिए परिवार के लोग उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां मृत घोषित किया तो घर ले आए। दोपहर में ही पास के कब्रिस्तान में उसे दफना दिया गया। लोगों के मुताबिक जरी का काम करने वाला उवैस काफी मिलनसार स्वभाव का था और उसका इस धंधे से कोई दूर तक मतलब नहीं था। सबके साथ वह भी भागने लगा और हादसे का शिकार होकर जान गवां बैठा।
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उवैस की मौत पर उसकी मां और परिवार की महिलाएं कुछ कहना चाहती थी पर रिश्तेदारों ने उन्हें चुप करा दिया। पुलिस ने उवैस की मौत की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। शव का पोस्टमार्टम न कराने से भी पुलिस के दावे को बल मिला।
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