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Ganesh Chaturthi 2024: महाराष्ट्र से आए... चंदौसी में छाए, अब बरेली की गलियों में भी गणपति की धूम

Sat, 07 Sep 2024 03:22 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 07 Sep 2024 03:22 PM IST
सार

बरेली में शनिवार से गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई। गणेश चतुर्थी पर घर-घर गजानन विराजे। अब 10 दिनों तक गणपति बप्पा की धूम रहेगी। पुराने पन्नों में देखें तो रुहेलखंड क्षेत्र में वर्ष 1986 से गणेश उत्सव ने जोर पकड़ा। आज यह परंपरा बन चुका है। 

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Ganesh Chaturthi 2024 ganesh utsav histroy in Bareilly
Ganesh Chaturthi 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई की गलियों से निकला गणपति बप्पा का जयकारा पूरे देश में गूंज रहा है। बरेली शहर में यूं तो वर्ष 1857 में पेशवा स्टेट (आज जहां कमल सिनेमा है) से ही इसकी शुरुआत हो चुकी थी, लेकिन बीच में क्रम टूट गया। वर्ष 1986 से आयोजन ने जोर पकड़ा। आज यह परंपरा का रूप ले चुका है। 

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अतीत के पन्नों पर नजर डालें तो इस परंपरा के विस्तार में संभल जिले के चंदौसी कस्बे की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्ष 1961 में शुरू हुआ गणेश उत्सव वर्तमान में वहां की पहचान बन चुका है। साल दर साल यह परंपरा समृद्ध होती रही। कभी 145 फुट ऊंची गजानन की मूर्ति बनाकर समिति ने सुर्खियां बटोरी तो कभी स्वर्णिम आभा वाले गणपति ने सबको लुभाया। अब वहां थीम आधारित आयोजन  होते हैं। 
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दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में आसपास के जिलों से लोग पहुंचते हैं। यहीं से आसपास के जिलों में भी इस परंपरा की नींव पड़ी। चार दशक पहले बरेली के सिविल लाइंस इलाके से गणेश उत्सव की शुरुआत हुई। 
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विभिन्न प्रकार के संगठन जहां धार्मिक व सामाजिक परंपराओं के क्षरण की दुहाई देते हैं, वहीं अखबार के पुराने पन्नों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि परंपराएं साल दर साल समृद्ध होती रहीं।  गणेश उत्सव आज शहर का प्रमुख आयोजन बन चुका है। आज जिले के सैकड़ों पंडालों में विघ्नहर्ता का पूजन होता है। 

Ganesh Chaturthi 2024 ganesh utsav histroy in Bareilly
Ganesh Chaturthi 2024 - फोटो : अमर उजाला

समय के साथ इस तरह बदला समारोह का स्वरूप
शहर के सिविल लाइंस इलाके में शनिवार को विघ्नहर्ता की 40वीं रथयात्रा निकाली गई। श्री गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष राजू खंडेलवाल ने बताया कि चार दशक पहले जब शहर में इसकी शुरुआत हुई तो आज की तरह ही नई परंपरा बताकर इस पर तमाम पाबंदियां लगाई जाती थीं। शोभायात्रा निकालने के लिए पुलिस अनुमति नहीं देती थी। आज वही पुलिस स्वयं ही गजानन की शोभायात्रा में सहयोग करती है। 

श्री नाथ नगरी के राजा समिति के अध्यक्ष विकास महरोत्रा का कहना है कि 20 साल पहले जब प्रभा टॉकीज के नजदीक गणेश उत्सव मनाया जाता था, तब चंद लोगों की ही भागीदारी होती थी। अब इसमें चार-पांच हजार लोग शामिल रहते हैं। समिति में 50 सदस्य, 450 गणेश मित्र हैं। पिछले साल समिति ने 21 प्रतिमाओं का निशुल्क वितरण किया था। इस बार 31 प्रतिमाओं का वितरण किया गया है।

कटरा मानराय में इस बार 21वीं शोभायात्रा निकाली जाएगी। कटरा का राजा गणेश महोत्सव समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 20 साल पहले दो फुट की प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना होती थी। अब सात-आठ फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाती है। शनिवार शाम को भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। सात दिन लगातार विविध आयोजन होंगे।

शाहबाद मोहल्ले में श्री गणेश महोत्सव समिति के अध्यक्ष अरुण वर्मा बताते हैं कि उनके यहां विभूति नाथ मंदिर में पांडाल लगाया गया है। उनकी समिति में 20 सदस्य हैं। सभी सदस्य बिना चंदा लिए इस बार 24वीं शोभायात्रा निकाल रहे हैं। उनके मुताबिक साल दर साल आयोजन का स्वरूप भव्य होता जा रहा है। साथ ही, इसमें श्रद्धालुओं की सहभागिता भी बढ़ रही है। 

बच्चों को व्यापार करना सिखाएगी समिति
श्री नाथ नगरी के राजा समिति इस बार गणेश उत्सव के दौरान बच्चों को व्यापार करना भी सिखाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले बच्चों को सांकेतिक मुद्राएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वह पांडाल में कुछ न कुछ बनाकर लाएंगे। समिति के सदस्य उन्हें व्यापार करने के संबंध में अलग-अलग जानकारियां देंगे। इससे वह व्यापार करने के बारे में भी सीख सकेंगे।

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