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बोगस उपभोक्ताओं के नाम चढ़ाकर बचाई गर्दन

Thu, 28 Nov 2019 03:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 03:00 AM IST
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सिस्टम बेहाल
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टुल्ला: बिजली विभाग ने हेराफेरी के
खेल में प्रशासन को भी लपेटा
फर्जी नाम-पतों से जारी कर दी आरसी, 60 करोड़ की वसूली फंसी
पॉवर कॉरपोरेशन के गोलमाल से प्रशासन के अफसर परेशान, अमीनों ने वापस लौटा दीं आरसी, शासन मांग रहा वसूली का हिसाब
डीएम ने सभी एक्सईएन को भेजा पत्र- जारी की गई बोगस आरसी संशोधित कराएं
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बिजली विभाग के स्टाफ ने आखिरकार बड़े बकायादारों के बिलों में हेराफेरी करने के अपने खेल में प्रशासन को भी लपेट दिया। करोड़ों के बकाया की वसूली के लिए बिजली विभाग से तमाम ऐसे फर्जी नाम-पतों से आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) काटकर वसूली के लिए प्रशासन को भेज दी हैं जिनका कहीं अतापता ही नहीं मिल पा रहा है। संग्रह अमीनों को भेजी गई इनमें से तमाम आरसी वापस लौट आई हैं। प्रशासन के अफसरों की दूसरी मुश्किल यह है कि आरसी के सापेक्ष वसूली न होने से शासन उन्हें लगातार नोटिस पर नोटिस दे रहा है। बिजली विभाग का खेल सामने आने के बाद डीएम नितीश कुमार ने पॉवर कॉरपोरेशन के सभी एक्सईएन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
पॉवर कॉरपोरेशन के बकाया राजस्व की वसूली में बरेली की स्थिति पूरे में मंडल में सबसे ज्यादा खराब है। पॉवर कॉरपोरेशन को जिले में 63.11 करोड़ राजस्व की वसूली करनी है लेकिन अब तक सिर्फ 1.98 करोड़ यानी बमुश्किल 3.15 फीसदी बकाया की ही वसूली हो पाई है। इसी बीच 16 नवंबर को शासन स्तर पर विद्युत देयों की बकाया वसूली की समीक्षा की गई तो पता चला कि राजस्व परिषद के पोर्टल पर ज्यादातर गलत आंकड़े अपलोड कर दिए गए हैं। साथ ही बिजली विभाग की ओर से जो आरसी जारी की गई हैं, उनमें से ज्यादातर पर उपभोक्ताओं के नाम, पिता का नाम, मकान संख्या, पोल नंबर, मोबाइल नंबर जैसा ज्यादा ब्योरा या तो गलत है या अधूरा है।
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बिजली विभाग के स्टाफ की इस गड़बड़ी की वजह से वसूली के लिए तहसीलों में भेजी गईं सैकड़ों आरसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। संग्रह अमीनों को काफी कोशिश के बाद भी आरसी में दर्ज नाम-पते नहीं मिले तो उन्होंने उन्हें वापस तहसील लौटा दिया है। अब स्थिति यह है कि पॉवर कॉरपोरेशन के अफसर तो यह कहकर अपना बचाव कर रहे हैं कि उन्होंने बकाया की वसूली के लिए आरसी जारी कर दी है जबकि प्रशासन को इन आरसी पर वसूली न कर पाने के कारण नोटिस झेलने पड़ रहे हैं और अपनी गर्दन बचानी मुश्किल पड़ रही है। अब डीएम नितीश कुमार ने पॉवर कॉरपोरेशन के सभी एक्सईएन को नोटिस भेजते हुए पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड की गई त्रुटिपूर्ण और बोगस आरसी में तत्काल संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय से समन्वय कर वसूली का लक्ष्य पूरा कराने को कहा है।
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इनसेट-
फर्जी आरसी से लटक गई 11 करोड़ की वसूली
पॉवर कॉरपोशन से फर्जी आरसी जारी होने से विभिन्न डिवीजन में करीब 11 करोड़ की वसूली लटक गई है। अब तक इतनी धनराशि की आरसी तहसीलों में वापस आ चुकी हैं। इतना ही नहीं निगम ने अगस्त और सितंबर के वसूली प्रमाण पत्र अब तक डीएम कार्यालय को नहीं दिए हैं। इस वजह से पोर्टल पर भी बकाया की धनराशि भी कम नहीं हो पा रही है।
इनसेट-
बिजली अफसर सुनते नहीं...डांट खा रहे प्रशासन के अधिकारी
फर्जी नाम-पते वाली आरसी पर उपभोक्ताओं से वसूली भी नहीं हो पा रही है। मगर फिर भी बिजली विभाग के अफसर सुरक्षित बचे हुए हैं और डांट राजस्व वसूली से जुड़े अफसर खा रहे हैं। कुछ दिन पहले जिले के नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय की सबसे ज्यादा फटकार बिजली के बकाया की कम वसूली के लिए ही लगाई थी। इससे पहले कमिश्नर सहित कई अफसर भी एडीएम को निशाने पर ले चुके हैं।
बिजली विभाग में पुराना है ये खेल
बिजली विभाग में बकायादारों से सांठगांठ का खेल पुराना है। बिलों में हेराफेरी के मामले भी कई बार पकड़े जा चुके हैं। इन मामलों में जांच भी बैठाई गई लेकिन बाद में अफसरों ने लीपापोती करके सारे मामले बंद कर दिए।

वर्जन-
पॉवर कॉरपोरेशन से आने वाली आरसी पर उपभोक्ताओं के नाम व पते आदि गड़बड़ है या सही पता दर्ज नहीं है। इससे बड़ी संख्या में तहसीलों से जारी होने वाली आरसी वापस आ रही हैं। इस संबंध में मैंने डीएम को अवगत करा दिया था। -मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त
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