Bareilly Fire: जोरदार धमाका...खाक हो गईं चार जिंदगियां; लोग बोले- ऐसा लगा जैसे बम फटा, भयावह था मंजर
अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार देर शाम तेज धमाके के साथ भीषण आग लग गई। आग ने ऐसा तांडव मचाया कि लोगों का रूह कांप गई। आग में जलकर चार लोगों की मौत हो गई। उनकी हड्डियां तक राख बन गईं।
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बरेली के फरीदपुर क्षेत्र में लखनऊ हाईवे किनारे स्थित अशोक फोम फैक्टरी में बुधवार शाम जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरा इलाके दहल गया। कुछ ही पलों में चीख-पुकार मच गई। फैक्टरी में ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्टरी को अपने चपेट में ले लिया था। इस अग्निकांड में चार कर्मचारी जलकर खाक में हो गए। देर रात मृतकों के अवशेष ही बरामद हो सके। हड्डियां तक राख हो चुकी थीं।
जेड गांव के पास स्थित अशोका फोम फैक्टरी में गद्दे के लिए फोम बनाने का काम किया जाता है। फैक्टरी में दो शिफ्टों में काम होता था। बुधवार शाम करीब सात बजे पहली शिफ्ट खत्म होने वाली थी, तभी फैक्टरी में तेज धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि 500 मीटर दूर स्थित गांव के लोग भी सहम गए। किसी ने इसे बिजली गिरना तो किसी ने बम फटना माना। आग की लपटें पांच किमी दूर से स्पष्ट दिखाईं दे रहीं थीं।
धमाके के साथ ढह गई छत
तेज धमाके के साथ फैक्टरी के एक हिस्से में भीषण आग लग गई थी। इससे लोहे के एंगलों पर टिकी फैक्टरी भवन की छत ढह गई। लपटें देखकर कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। परसाखेड़ा, बरेली और फरीदपुर से फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। रात करीब साढ़े नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद से सरकड़ा गांव निवासी मजदूर राकेश और हरहरपुर निवासी अरविंद लापता थे।
Bareilly Fire: चार लोग जिंदा जल गए, बाकी ने भागकर बचाई जान, फैक्टरी प्रबंधन बचाता रहा कीमती सामान
उनकी तलाश में टीमें जुटीं तो रात करीब साढ़े 11 बजे दो लोगों के अवशेष लोहे की चादरों के बीच से निकाले गए। उनकी हालत ऐसी थी कि उन्हें पहचानना मुश्किल था। राकेश और अरविंद के परिजनों का कहना था कि शव उन्हीं दोनों के हैं। रात साढ़े 12 बजे तीसरी और सवा बजे चौथा शव मिला। इनमें से एक फरीदपुर कस्बे का अनूप बताया गया। हालांकि चारों शवों में से पहचान किसी की नहीं हो सकी थी।
सुबह सात बजे से दोबारा शुरू हुआ रेस्क्यू
रात पौने दो बजे रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। गुरुवार सुबह सात बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा से शुरू किया गया। नायब तहसीलदार दिव्यांशी सिंह की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। लोहे की चादरों को गैस कटर से काटकर हटाया गया। फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी अखिलेश शुक्ला भी इसी फैक्टरी में काम करता था। वह अभी लापता है। परिजनों को आशंका है कि उसकी भी मौत हो चुकी है।