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Bareilly News: सफेद हाथी साबित हो रहे स्मार्ट सिटी के पांच प्रोजेक्ट कहीं शर्तों की अड़चन तो कहीं उपयोगिता पर सवाल
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बरेली। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए 65 परियोजनाओं पर 940 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें से 205 करोड़ रुपये लागत के पांच बड़े प्रोजेक्ट सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। एक साल से इनके संचालन का इंतजार है। कहीं शर्तों की अड़चन है तो कहीं डिजाइनिंग और उपयोगिता ही सवालों के घेरे में है। बार-बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद अबर्न हाट, शूटिंग रेंज, काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स, संजय कम्युनिटी पॉन्ड और स्काई वॉक के लिए निजी फर्में रुचि नहीं ले रहीं हैं। संजय कम्युनिटी हाॅल और डीडीपुरम में बनी मल्टीलेवल पार्किंग का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में परियोजनाओं की कई खामियां भी सामने आईं। ब्यूरो
एक माह से बंद है म्यूजिकल फाउंटेन
गांधी उद्यान में पीछे 79 लाख रुपये की लागत से बना म्यूजिकल फाउंटेन कुछ दिन चलता तो कुछ दिन बंद होता रहा। अब एक महीने से पूरी तरह बंद है। बृहस्पतिवार दोपहर वहां मिले युवाओं ने उसकी उपयोगिता पर सवाल उठाया।
धंस रहीं 150 करोड़ की सड़कें
150 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गईं सड़कें कहीं धंस रही हैं तो कहीं उखड़ गई हैं। कालीबाड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के कार्यालय के ठीक सामने ही स्मार्ट सिटी की सड़क तीन महीने पहले धंस गई थी। अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
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स्मार्ट टाॅयलेट पर ताला
2.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके बनाए गए स्मार्ट टॉयलेट पर ताले का पहरा है। अफसर इनके संचालन का दावा कर रहे हैं, लेकिन बृहस्पतिवार शाम बरेली क्लब और सीता रसोई के करीब स्थित स्मार्ट टॉयलेट पर ताला देख लोग लौटते मिले।
इनके संचालन के लिए फर्मों का इंतजार
- 11.98 करोड़ रुपये से तैयार स्काई वॉक की डिजाइन पर सवाल उठ रहे हैं। इसे लोग फुट ओवरब्रिज बता रहे हैं। तीन बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद अब तक किसी निजी फर्म ने इसका संचालन अपने हाथ में नहीं लिया है।
- 174.70 करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया अर्बन हाट और हैंडीक्राफ्ट सेंटर भी शो पीस साबित हो रहा है। संचालन में शर्तों की अड़चन है। तीन बार टेंडर निकाले जा चुके हैं, पर किसी फर्म ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
- 9.59 करोड़ रुपये की लागत से तैयार संजय कम्युनिटी पॉन्ड के संचालन के लिए तीन बार टेंडर निकाले गए। बमुश्किल फर्म तो मिल गई, लेकिन अभी शहरवासियों को इसका संचालन शुरू होने का इंतजार है।
- 4.60 करोड़ रुपये की लागत से राइफल क्लब में अत्याधुनिक शूटिंग रेंज बनाई गई। एक साल से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन इसका भी संचालन शुरू नहीं हो सका। अलबत्ता, टेंडर निकाले गए हैं।
- 4.30 करोड़ रुपये खर्च करके जंक्शन के निकट बनाए गए काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है। ऊपर से स्मार्ट सिटी की शर्तों की अड़चन है। इस वजह से अब तक कोई फर्म आगे नहीं आई।
- 34.74 करोड़ से जीआईसी परिसर में बनाए गए ऑडिटोरियम के संचालन के लिए भी किसी फर्म का चयन नहीं हो सका है। फिलहाल, नगर निगम इसका संचालन कर रहा है। बिजली का कनेक्शन भी नहीं हो सका है।
वर्जन
सभी परियोजनाओं के संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए अभी तक कोई फर्म सामने नहीं आई है। जीआईसी ऑडिटोरियम के लिए दो फर्मों ने रुचि दिखाई है। राइफल क्लब के लिए टेंडर अपलोड हो गया है। अर्बन हाट के संचालन के लिए फर्मोें को आकर्षित करने के लिए शर्तों में बदलाव किए गए हैं। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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एक माह से बंद है म्यूजिकल फाउंटेन
गांधी उद्यान में पीछे 79 लाख रुपये की लागत से बना म्यूजिकल फाउंटेन कुछ दिन चलता तो कुछ दिन बंद होता रहा। अब एक महीने से पूरी तरह बंद है। बृहस्पतिवार दोपहर वहां मिले युवाओं ने उसकी उपयोगिता पर सवाल उठाया।
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धंस रहीं 150 करोड़ की सड़कें
150 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गईं सड़कें कहीं धंस रही हैं तो कहीं उखड़ गई हैं। कालीबाड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के कार्यालय के ठीक सामने ही स्मार्ट सिटी की सड़क तीन महीने पहले धंस गई थी। अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
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स्मार्ट टाॅयलेट पर ताला
2.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके बनाए गए स्मार्ट टॉयलेट पर ताले का पहरा है। अफसर इनके संचालन का दावा कर रहे हैं, लेकिन बृहस्पतिवार शाम बरेली क्लब और सीता रसोई के करीब स्थित स्मार्ट टॉयलेट पर ताला देख लोग लौटते मिले।
इनके संचालन के लिए फर्मों का इंतजार
- 11.98 करोड़ रुपये से तैयार स्काई वॉक की डिजाइन पर सवाल उठ रहे हैं। इसे लोग फुट ओवरब्रिज बता रहे हैं। तीन बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद अब तक किसी निजी फर्म ने इसका संचालन अपने हाथ में नहीं लिया है।
- 174.70 करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया अर्बन हाट और हैंडीक्राफ्ट सेंटर भी शो पीस साबित हो रहा है। संचालन में शर्तों की अड़चन है। तीन बार टेंडर निकाले जा चुके हैं, पर किसी फर्म ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
- 9.59 करोड़ रुपये की लागत से तैयार संजय कम्युनिटी पॉन्ड के संचालन के लिए तीन बार टेंडर निकाले गए। बमुश्किल फर्म तो मिल गई, लेकिन अभी शहरवासियों को इसका संचालन शुरू होने का इंतजार है।
- 4.60 करोड़ रुपये की लागत से राइफल क्लब में अत्याधुनिक शूटिंग रेंज बनाई गई। एक साल से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन इसका भी संचालन शुरू नहीं हो सका। अलबत्ता, टेंडर निकाले गए हैं।
- 4.30 करोड़ रुपये खर्च करके जंक्शन के निकट बनाए गए काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है। ऊपर से स्मार्ट सिटी की शर्तों की अड़चन है। इस वजह से अब तक कोई फर्म आगे नहीं आई।
- 34.74 करोड़ से जीआईसी परिसर में बनाए गए ऑडिटोरियम के संचालन के लिए भी किसी फर्म का चयन नहीं हो सका है। फिलहाल, नगर निगम इसका संचालन कर रहा है। बिजली का कनेक्शन भी नहीं हो सका है।
वर्जन
सभी परियोजनाओं के संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए अभी तक कोई फर्म सामने नहीं आई है। जीआईसी ऑडिटोरियम के लिए दो फर्मों ने रुचि दिखाई है। राइफल क्लब के लिए टेंडर अपलोड हो गया है। अर्बन हाट के संचालन के लिए फर्मोें को आकर्षित करने के लिए शर्तों में बदलाव किए गए हैं। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त