बरेली में युवक की मौत का मामला: बिथरी थाने के इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों पर हत्या और लूट की रिपोर्ट
अप्रैल में परसोना निवासी अरकान की मीट फैक्टरी से लौटते समय कैंट क्षेत्र के बिलाल मस्जिद के पास मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे दुर्घटना माना। जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था।
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बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के परसोना निवासी युवक अरकान की मौत के मामले में उसके पिता ने बिथरी चैनपुर थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसवालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हमला कर हत्या और लूट के साथ ही घूसखोरी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
इसी साल अप्रैल में परसोना निवासी अरकान की मीट फैक्टरी से लौटते समय कैंट क्षेत्र के बिलाल मस्जिद के पास मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे दुर्घटना माना। सूचना पर बिथरी चैनपुर पुलिस पहुंची तो भीड़ ने घेरकर पुलिसकर्मियों पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाकर मारपीट की थी।
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दरोगा से पिस्टल छीनने की कोशिश की गई थी। भारी संख्या में पुलिस पहुंची तो भीड़ को हटाकर घायल पुलिस वालों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भीड़ के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। छह लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, बाकी की तलाश हो रही है।
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
अब अरकाम के पिता पप्पू ने न्यायालय के आदेश पर बिथरी चैनपुर इंसपेक्टर अश्वनी कुमार, दरोगा धर्मेंद्र कुमार, सिपाही राजेश, विनीत कांडपाल और होमगार्ड वीरपाल के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पप्पू के मुताबिक अरकाम मारिया फ्रोजन से रुपये लेकर लौट रहा था।
उसने फोन पर उनसे बात की थी। इसके बाद पुलिस ने फोन कर कहा कि जल्दी 50 हजार रुपये लेकर आ जाओ, नहीं तो गोकशी में अरकाम को जेल भेज देंगे। पप्पू गांववालों के साथ मस्जिद के पास पहुंचे तो देखा कि दरोगा, सिपाही और होमगार्ड अरकाम को मार रहे हैं।
भीड़ देखकर पुलिस वाले हड़बड़ा गए। पुलिस को सूचना दी तो इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने यहां आकर गांव में आग लगाने और गोली मारने की धमकी दी। पप्पू का आरोप है कि पोस्टमार्टम में लापरवाही बरती गई। पुलिस ने अरकाम से 30,400 रुपये भी छीन लिए।
कैंट थाने के इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि मामला सीधे तौर पर एक्सीडेंट का था जिसकी पुष्टि तभी हो गई थी। भीड़ ने मदद कर रहे पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया था। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट लिख ली है, वस्तुस्थिति सामने लाई जाएगी।