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UP: इन जिलों के किसानों को 481 करोड़ रुपये की चोट, चीनी मिलों में पेराई सत्र बंद करने की तैयारी; ये है कारण

Tue, 11 Feb 2025 07:59 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 11 Feb 2025 07:59 AM IST
सार

बरेली मंडल में पहले बाढ़, फिर बीमारी से गन्ने की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे उत्पादन घट गया। इसका असर अब दिख रहा है। चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते चीनी मिलों ने पेराई सत्र बंद करने की तैयारी कर ली है। 

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Farmers loss of Rs 481 crore in this year sugar mills prepare to close the crushing season
फाइल फोटो

विस्तार

बरेली मंडल के गन्ना किसानों की आमदनी को बाढ़ और बीमारी की वजह से इस बार 481 करोड़ से अधिक की चोट लगने का अंदेशा है। पेराई में चीनी मिलें बीते साल के आंकड़े को नहीं छू पा रही हैं। चीनी मिलों का चक्का आए दिन नो-केन (गन्ना उपलब्ध न होने पर) में रुक रहा है। इसलिए चीनी मिलों ने पेराई सत्र के समापन की तैयारी कर ली है। कई चीनी मिलों ने पेराई सत्र बंद करने के लिए तिथियां भी प्रस्तावित कर दी हैं।

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बरेली के गन्ना परिक्षेत्र में 17 चीनी मिलें हैं। बीते साल इन मिलों ने नौ करोड़ 97 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई पूरे सत्र में की थी। खेत में मौजूद गन्ने को देखते हुए चीनी मिलों ने जो अनुमान लगाए हैं। उनके आकड़ों को समन्वित करने पर आठ करोड़ 60 लाख क्विंटल पेराई का अनुमान था। इस अनुमान से किसानों की आमदनी घटी है। अगर समर्थन मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से इसकी कीमत निकाली जाए तो 481 करोड़ रुपये की चोट किसानों को लग रही है। 
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गन्ने का उत्पादन घटने की वजह से पेराई सत्र बीते साल की तुलना में पहले ही समाप्त करने  की नौबत है। बरेली जिले के नवाबगंज और बहेड़ी की चीनी मिलों में आए दिन गन्ना न होने से पेराई ठप हो रही है। 

बरेली गन्ना परिक्षेत्र में हैं 17 चीनी मिलें
बहेड़ी, फरीदपुर, मीरगंज, नवाबगंज, सेमीखेड़ा, पीलीभीत, बरखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर, निगोही, मकसूदापुर, रौजा, तिलहर, पुवायां, बदायूं, बिसौली, कासगंज।
 
जिला पेराई का अनुमान बीते साल हुई पेराई
बरेली   249.00 329.37
पीलीभीत   243.00  279.72
शाहजहांपुर 313.00 322.15
बदायूं 39.50 41.10
कासगंज 15.50 15.50
कुल 860.00   997.83
(आंकड़े लाख क्विंटल में दिए गए हैं)

उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने बताया कि बरेली के साथ शाहजहांपुर और पीलीभीत में जुलाई और सितंबर की बाढ़ में फसलें बर्बाद हुईं। लाल रोग ने भी उत्पादन को प्रभावित किया है।  उत्पादन बीते साल से घट रहा है। इस बार बीते सत्र से करीब एक करोड़ तीस लाख क्विंटल पेराई होने कम होने का अनुमान है। 

बरेली के जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने कहा कि नवाबगंज और बहेड़ी क्षेत्र में गन्ने के खेतों में बाढ़ पानी भर गया और डूबने से फसलें खराब हो गईं। उम्मीद के मुताबिक चीनी मिलों को गन्ना नहीं मिल सका। गन्ने की कमी से बहेड़ी, फरीदपुर, नवाबगंज और मीरगंज चीनी मिलों ने बंदी का नोटिस दे दिया है। फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी इसी महीने बंद हो सकती हैं। मीरगंज और सेमीखेड़ा मार्च में पेराई सत्र के समापन की तैयारी की है।

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