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बीएड: फीस वापसी के लिए कल से एक मौका और
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बरेली। बीएड की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं के पांच-पांच हजार रुपये विश्वविद्यालय के पास फंसे हुए हैं। इनकी वापसी के लिए छात्र-छात्राएं परेशान हैं, वहीं विश्वविद्यालय अकाउंट डिटेल दुरुस्त न होने के चलते रुपये वापस नहीं कर पा रहा है। बृहस्पतिवार से विश्वविद्यालय प्रशासन इन छात्र-छात्राओं को अकाउंट डिटेल दुरुस्त करने के लिए एक और मौका देने की तैयारी में है।
इस बार बीएड की राज्य स्तरीय प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। प्रवेश परीक्षा में पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को ज्यादा से ज्यादा कॉलेज भरने के निर्देश दिए गए थे, ताकि सभी को कोई न कोई कॉलेज आवंटित हो जाए। इसके बावजूद करीब 20 हजार अभ्यर्थियों ने एडमिशन के लिए विकल्प के तौर पर गिने-चुने कॉलेजों के नाम ही भरे। ऐसे में इन अभ्यर्थियों को कोई कॉलेज आवंटित नहीं हुआ। हालांकि दूसरी काउंसिलिंग में उन्हें कॉलेज तो मिल गया लेकिन पहली काउंसिलिंग के दौरान जमा किए गए पांच-पांच हजार रुपये फंस गए। इसके बाद विश्वविद्यालय ने इन छात्र-छात्राओं के रुपये वापस किए लेकिन अकाउंट डिटेल गलत होने के चलते एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं के रुपये अब भी फंसे हुए हैं। रुपये वापसी के लिए यह छात्र-छात्राएं परेशान हैं। अब बृहस्पतिवार से अकाउंट डिटेल दुरुस्त करने के लिए इन्हें एक और मौका देने की तैयारी है।
जिन छात्र-छात्राओं की अकाउंट डिटेल दुरुस्त नहीं है, उन्हें बृहस्पतिवार से एक और मौका देने की तैयारी है। इस बार जो छात्र-छात्राएं चूक जाएंगे, उन्हें फिर कोई मौका नहीं मिलेगा। - प्रोफेसर बीआर कुकरेती, राज्य समन्वयक, बीएड प्रवेश प्रक्रिया
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इस बार बीएड की राज्य स्तरीय प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। प्रवेश परीक्षा में पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को ज्यादा से ज्यादा कॉलेज भरने के निर्देश दिए गए थे, ताकि सभी को कोई न कोई कॉलेज आवंटित हो जाए। इसके बावजूद करीब 20 हजार अभ्यर्थियों ने एडमिशन के लिए विकल्प के तौर पर गिने-चुने कॉलेजों के नाम ही भरे। ऐसे में इन अभ्यर्थियों को कोई कॉलेज आवंटित नहीं हुआ। हालांकि दूसरी काउंसिलिंग में उन्हें कॉलेज तो मिल गया लेकिन पहली काउंसिलिंग के दौरान जमा किए गए पांच-पांच हजार रुपये फंस गए। इसके बाद विश्वविद्यालय ने इन छात्र-छात्राओं के रुपये वापस किए लेकिन अकाउंट डिटेल गलत होने के चलते एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं के रुपये अब भी फंसे हुए हैं। रुपये वापसी के लिए यह छात्र-छात्राएं परेशान हैं। अब बृहस्पतिवार से अकाउंट डिटेल दुरुस्त करने के लिए इन्हें एक और मौका देने की तैयारी है।
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जिन छात्र-छात्राओं की अकाउंट डिटेल दुरुस्त नहीं है, उन्हें बृहस्पतिवार से एक और मौका देने की तैयारी है। इस बार जो छात्र-छात्राएं चूक जाएंगे, उन्हें फिर कोई मौका नहीं मिलेगा। - प्रोफेसर बीआर कुकरेती, राज्य समन्वयक, बीएड प्रवेश प्रक्रिया
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