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Bareilly News: एनसीडी क्लीनिक में 30 फीसदी भी नहीं हो रहीं जरूरी जांचें
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बरेली। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बने एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) क्लीनिक पर पहुंचने वाले 30 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के मरीजों के रक्तचाप, शुगर, ओरल कैंसर आदि की जांच का लक्ष्य भी जिम्मेदार पूरा नहीं कर पा रहे। इसकी पुष्टि विभागीय आंकड़े कर रहे हैं। बीते वर्ष 19.13 लाख के सापेक्ष महज 3.70 लाख जांचें ही हो सकीं।
शासनादेश के तहत अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले 30 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग के मरीजों के रक्तचाप, ब्लड शुगर, पल्स रेट, ओरल कैंसर व अन्य प्राथमिक जांचें रैपिड टेस्ट किट से करने के निर्देश हैं। प्राथमिक जांच में पुष्टि होने पर आगे कन्फर्मेटिव जांच करानी होती है। इसके जरिये अस्पतालों की पैथोलॉजी पर उमड़ रही मरीजों की कतार भी कम करने का लक्ष्य था पर रिपोर्ट के अनुसार जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 20 फीसदी जांचें की जा रही हैं। एनसीडी संबंधी जांच जिला अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी, वेलनेस सेंटरों पर हो रही है। यहां कोई भी व्यक्ति एक रुपये के पर्चे पर प्राथमिक जांचें करवा सकता है।
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में रोज औसतन 80 मरीज पहुंच रहे हैं। उनकी बीपी, शुगर, ओरल व ब्रेस्ट कैंसर आदि की शुरुआती जांच डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कर रहा है। ज्यादातर मरीज पैथोलॉजी में ब्लड सैंपल देकर जांच करा लेते हैं। इसमें शुरुआती जांचें भी हो जाती हैं। लिहाजा, रैपिड टेस्ट की जरूरत नहीं होती।
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फरीदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक उनके केंद्र के एनसीडी क्लीनिक में तीन दिन पहले ही डॉक्टर तैनात हुए हैं। पूर्व में डॉक्टर न होने से जांचें प्रभावित थीं। यही हाल सीएचसी के अधीन कई वेलनेस सेंटरों व पीएचसी का भी था। बीते दिनों हुई नई तैनाती के बाद अब वहां एनसीडी क्लीनिक में जांचें बढ़ी हैं।
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शासनादेश के तहत अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले 30 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग के मरीजों के रक्तचाप, ब्लड शुगर, पल्स रेट, ओरल कैंसर व अन्य प्राथमिक जांचें रैपिड टेस्ट किट से करने के निर्देश हैं। प्राथमिक जांच में पुष्टि होने पर आगे कन्फर्मेटिव जांच करानी होती है। इसके जरिये अस्पतालों की पैथोलॉजी पर उमड़ रही मरीजों की कतार भी कम करने का लक्ष्य था पर रिपोर्ट के अनुसार जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 20 फीसदी जांचें की जा रही हैं। एनसीडी संबंधी जांच जिला अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी, वेलनेस सेंटरों पर हो रही है। यहां कोई भी व्यक्ति एक रुपये के पर्चे पर प्राथमिक जांचें करवा सकता है।
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एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में रोज औसतन 80 मरीज पहुंच रहे हैं। उनकी बीपी, शुगर, ओरल व ब्रेस्ट कैंसर आदि की शुरुआती जांच डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कर रहा है। ज्यादातर मरीज पैथोलॉजी में ब्लड सैंपल देकर जांच करा लेते हैं। इसमें शुरुआती जांचें भी हो जाती हैं। लिहाजा, रैपिड टेस्ट की जरूरत नहीं होती।
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फरीदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक उनके केंद्र के एनसीडी क्लीनिक में तीन दिन पहले ही डॉक्टर तैनात हुए हैं। पूर्व में डॉक्टर न होने से जांचें प्रभावित थीं। यही हाल सीएचसी के अधीन कई वेलनेस सेंटरों व पीएचसी का भी था। बीते दिनों हुई नई तैनाती के बाद अब वहां एनसीडी क्लीनिक में जांचें बढ़ी हैं।