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आईआईएम के पैटर्न पर होगा बीबीए का पाठ्यक्रम
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय बीबीए के पाठ्यक्रम को रिवाइज करने की तैयारी कर रहा है। इस कोर्स में बदलाव कर आधुनिक समय की मांग के अनुरूप और आईआईएम (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) के पैटर्न पर तैयार किया जाएगा। नए कोर्स को अगले शैक्षिक सत्र से लागू करने की कवायद के चलते विश्वविद्यालय अभी से ही इस पर काम करने में जुट गया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने करीब 20 साल पहले बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) का कोर्स शुरू किया था। उस समय इस कोर्स का काफी क्रेज था लेकिन पुराने पैटर्न पर ही संचालित इस कोर्स की धीरे-धीरे मांग घटने लगी। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि बीबीए करने के बाद भी न तो आसानी से नौकरी मिलती है और न ही कॉलेजों में इसकी सीटें भर पाती हैं। वक्त की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन भी अब इस कोर्स में बदलाव करने की तैयारी में जुट गया है। इस कोर्स में कुछ नए विषय शामिल करके आईआईएम के पैटर्न पर तैयार करने के प्रयास चल रहे हैं ताकि इसका क्रेज बरकरार रहे। बदलाव के बाद नए कोर्स को अगले सत्र 2020-2021 से लागू करने की तैयारी है।
20 साल बाद यह होंगे बदलाव
बीबीए के पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय मौजूदा दौर की मांग के अनुरूप अब कुछ नए विषय शामिल करने जा रहा है। इसमें आईटी, एंटरप्रेन्योरशिप, फाइनेंस और लैंग्वेज आदि शामिल हैं। इस पर काम कर रही टीम का दावा है कि यह बदलाव होने के बाद विश्वविद्यालय का पैटर्न देश के नामचीन मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट आईआईएम के पैटर्न पर आधारित हो जाएगा।
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समय की मांग के अनुरूप बीबीए के पाठ्यक्रम में बदलाव शुरू किया गया है। इसे आईआईएम के पैटर्न पर तैयार किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि अगले सत्र से यह पाठ्यक्रम लागू हो सके।
- प्रो. पीबी सिंह, डीन मैनेजमेंट, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने करीब 20 साल पहले बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) का कोर्स शुरू किया था। उस समय इस कोर्स का काफी क्रेज था लेकिन पुराने पैटर्न पर ही संचालित इस कोर्स की धीरे-धीरे मांग घटने लगी। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि बीबीए करने के बाद भी न तो आसानी से नौकरी मिलती है और न ही कॉलेजों में इसकी सीटें भर पाती हैं। वक्त की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन भी अब इस कोर्स में बदलाव करने की तैयारी में जुट गया है। इस कोर्स में कुछ नए विषय शामिल करके आईआईएम के पैटर्न पर तैयार करने के प्रयास चल रहे हैं ताकि इसका क्रेज बरकरार रहे। बदलाव के बाद नए कोर्स को अगले सत्र 2020-2021 से लागू करने की तैयारी है।
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20 साल बाद यह होंगे बदलाव
बीबीए के पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय मौजूदा दौर की मांग के अनुरूप अब कुछ नए विषय शामिल करने जा रहा है। इसमें आईटी, एंटरप्रेन्योरशिप, फाइनेंस और लैंग्वेज आदि शामिल हैं। इस पर काम कर रही टीम का दावा है कि यह बदलाव होने के बाद विश्वविद्यालय का पैटर्न देश के नामचीन मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट आईआईएम के पैटर्न पर आधारित हो जाएगा।
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समय की मांग के अनुरूप बीबीए के पाठ्यक्रम में बदलाव शुरू किया गया है। इसे आईआईएम के पैटर्न पर तैयार किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि अगले सत्र से यह पाठ्यक्रम लागू हो सके।
- प्रो. पीबी सिंह, डीन मैनेजमेंट, रुहेलखंड विश्वविद्यालय