{"_id":"5a08a51a4f1c1bd1538bc95e","slug":"earthquake-in-hardoi-bareilly-also-triggers-danger-bells","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोई में भूकंप.. बरेली में भी बज गई खतरे की घंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोई में भूकंप.. बरेली में भी बज गई खतरे की घंटी
बरेली।
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:16 AM IST
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बरेली के अलावा आसपास के इलाकों में भी रविवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता के इस भूकंप को भूगर्भ शास्त्रियों ने सामान्य बताया है। उनका कहना है कि फिलहाल तो चिंता की कोई खास बात नहीं है क्योंकि बरेली और इसके आसपास का क्षेत्र भूकंप के लिहाज से मध्यम संवेदनशील क्षेत्र में आता है।
बरेली कॉलेज की भूगर्भ विभाग की डॉ. नीरू अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड और हिमाचल के कई क्षेत्र खतरनाक जोन में आते हैं। अगर वहां भूकंप का केंद्र हुआ तो इसका असर बरेली और आसपास के इलाकों में भी दिखेगा। हालांकि हरदोई में भूकंप का केंद्र होना भी बरेली और आसपास के क्षेत्रों के लिए खतरे की घंटी है। हरदोई, बरेली और कई इलाके अपर गंगा मैदान क्षेत्र में आते हैं। ये इलाका नदी निर्मित अवसादी चट्टानों से बना है। प्लेट टेक्टोनिक सिद्धांत के अनुसार चट्टानें गतिशील हैं और लगातार खिसकती रहती हैं, लेकिन बरेली के आसपास का क्षेत्र अपर गंगा मैदानी क्षेत्र में आने के कारण यहां इस तीव्रता का कोई असर नहीं है, लेकिन केंद्र हरदोई है इसलिए यहां हल्का असर लोगों को महसूस हुआ होगा। उन्होंने बताया कि यह वैसा ही है जैसे वर्ष 2011 में दिल्ली में झटके महसूस किए गए थे। उस समय वहां तीव्रता 4.2 रिक्टर मापी गई थी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अगर हरदोई में भूकंप की तीव्रता 6 रिक्टर या इससे अधिक होती तो बरेली और आसपास के क्षेत्रों के लिए यह खतरे से कम नहीं।
भूकंप के बारे में चर्चा तो चल रही थी, लेकिन मुझे भूकंप आने का अहसास नहीं हुआ।
- संजय गुप्ता, बिहारीपुर
बरेली में झटका महसूस होने के बाद लग रहा था कि यह भूकंप ही है लेकिन कई लोगाें को पता ही नहीं चला। हरदोई से भी रिश्तेदारों का फोन आया था।
- मंजर अली, शाहाबाद
हरदोई में भूकंप का केंद्र होने से बरेली में असर तभी दिखेगा जब इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6 से अधिक हो। हरदोई, बरेली और आसपास के अन्य क्षेत्र अपर गंगा मैदानी क्षेत्र में आते हैं। यह अस्थिरता हो सकती है लेकिन कम तीव्रता हानिकारक नहीं।
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- डॉ. नीरू अग्रवाल, भूगर्भ विज्ञान विभाग बरेली कॉलेज
बरेली कॉलेज की भूगर्भ विभाग की डॉ. नीरू अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड और हिमाचल के कई क्षेत्र खतरनाक जोन में आते हैं। अगर वहां भूकंप का केंद्र हुआ तो इसका असर बरेली और आसपास के इलाकों में भी दिखेगा। हालांकि हरदोई में भूकंप का केंद्र होना भी बरेली और आसपास के क्षेत्रों के लिए खतरे की घंटी है। हरदोई, बरेली और कई इलाके अपर गंगा मैदान क्षेत्र में आते हैं। ये इलाका नदी निर्मित अवसादी चट्टानों से बना है। प्लेट टेक्टोनिक सिद्धांत के अनुसार चट्टानें गतिशील हैं और लगातार खिसकती रहती हैं, लेकिन बरेली के आसपास का क्षेत्र अपर गंगा मैदानी क्षेत्र में आने के कारण यहां इस तीव्रता का कोई असर नहीं है, लेकिन केंद्र हरदोई है इसलिए यहां हल्का असर लोगों को महसूस हुआ होगा। उन्होंने बताया कि यह वैसा ही है जैसे वर्ष 2011 में दिल्ली में झटके महसूस किए गए थे। उस समय वहां तीव्रता 4.2 रिक्टर मापी गई थी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अगर हरदोई में भूकंप की तीव्रता 6 रिक्टर या इससे अधिक होती तो बरेली और आसपास के क्षेत्रों के लिए यह खतरे से कम नहीं।
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भूकंप के बारे में चर्चा तो चल रही थी, लेकिन मुझे भूकंप आने का अहसास नहीं हुआ।
- संजय गुप्ता, बिहारीपुर
बरेली में झटका महसूस होने के बाद लग रहा था कि यह भूकंप ही है लेकिन कई लोगाें को पता ही नहीं चला। हरदोई से भी रिश्तेदारों का फोन आया था।
- मंजर अली, शाहाबाद
हरदोई में भूकंप का केंद्र होने से बरेली में असर तभी दिखेगा जब इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6 से अधिक हो। हरदोई, बरेली और आसपास के अन्य क्षेत्र अपर गंगा मैदानी क्षेत्र में आते हैं। यह अस्थिरता हो सकती है लेकिन कम तीव्रता हानिकारक नहीं।
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- डॉ. नीरू अग्रवाल, भूगर्भ विज्ञान विभाग बरेली कॉलेज