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बरेली: रक्षाबंधन कार्यक्रम में उपहार लेने की होड़ से मची थी भगदड़, प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताई आंखों देखी

Sat, 29 Aug 2026 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 29 Aug 2026 12:49 AM IST
सार

बरेली में बृहस्पतिवार को महापौर उमेश गौतम और पार्थ फाउंडेशन के सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम में उपहार पाने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण अव्यवस्था फैल गई थी। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताया कि उपहार वितरण में अव्यवस्था हावी रही। 

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A stampede ensued due to the scramble to push past one another for gifts in Bareilly
उपहार लेने के लिए उमड़ी थी भीड़ - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

बरेली क्लब मैदान पर महापौर उमेश गौतम और उनके बेटे के पार्थ फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम में उपहार वितरण के दौरान अव्यवस्था हावी रही। उपहार पाने की होड़ में महिलाएं भी एक-दूसरे को धकेलकर आगे बढ़ने लगीं। इसी वजह से भगदड़ जैसी स्थिति बनी। एक महिला की मौत हुई तो कई महिलाएं चोटिल हुईं। तमाम खाली हाथ घर लौटीं।

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कार्यक्रम में शामिल डोहरा रोड निवासी सुखदेई ने बताया कि वह सुबह 10 बजे ही पहुंच गई थीं। दो घंटे इंतजार के बाद साड़ी वितरण शुरू हुआ। शुरू में सब ठीक था, पर घंटेभर इंतजार और भीड़ से परेशान महिलाएं आगे पहुंचकर साड़ी का पैकेट लेने के लिए सामने खड़ी महिलाओं को पीछे धकेलने लगीं। इससे नोकझोंक शुरू हो गई। भीड़ की वजह से सांस लेने में भारीपन का अहसास होने लगा। महिलाओं की हालत बिगड़ी और एंबुलेंस देख मौत की चर्चाएं होने लगीं। सब घबराकर मंच की ओर बढ़ने लगीं। धक्का-मुक्की में कुछ महिलाएं गिर पड़ीं।
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बच्चों की सांस अटकने और महिला की मौत की सुगबुगाहट ने हालात बेकाबू कर दिए। आयोजक मंच से एक-एक कर आने की अपील करते रहे पर कोई मानने के लिए तैयार नहीं था। हालात बिगड़ते चले गए। इसी बीच एक महिला की मौत की पुष्टि के बाद अन्य महिलाएं उपहार लिए बिना ही लौटने लगीं। 
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फोन और रुपये गिर गए मरते-मरते बची हूं 
शहर निवासी एक छात्रा ने बताया कि पंडाल में पहुंचने पर बताया गया कि पास होने पर ही उपहार मिलेगा। पहले पता होता तो आती ही नहीं। पर्स गिर गया, जिसमें मोबाइल फोन और तीन हजार रुपये थे। भीड़ से किसी तरह बचकर निकलीं। बस मरते-मरते बची हूं।

A stampede ensued due to the scramble to push past one another for gifts in Bareilly
मृतक महिला के परिजन - फोटो : अमर उजाला
'मर गईं भाभी पर हाल जानने नहीं आए महापौर'
चंद्रगुप्तपुरम निवासी सेवानिवृत्त फौजी भगवान सिंह की पत्नी मधु की बृहस्पतिवार को कार्यक्रम के दौरान मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह गुलाबनगर श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार हुआ। परिजन लता ने कहा कि महापौर के कार्यक्रम में ही भाभी की मौत हुई, पर उन्होंने परिवार का हाल तक नहीं पूछा। मृतका के बेटे अभय, बेटी अदिति के लिए नौकरी और सहायता राशि की मांग की है।

सपा नेताओं ने बंधाया ढांढस
बृहस्पतिवार देर रात सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी व अन्य पदाधिकारी मृतका मधु के घर पहुंचे। सरकार से आश्रितों के लिए 20 लाख रुपये मुआवजा और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। कहा कि इस घटनाक्रम पर पुलिस-प्रशासन की चुप्पी सत्ता की तानाशाही का प्रतीक है।

A stampede ensued due to the scramble to push past one another for gifts in Bareilly
मृतक महिला के घर के बाहर मौजूद सपा नेता - फोटो : स्रोत- पार्टी

पार्षद से बूथ अध्यक्ष तक बांटे गए थे पास
सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिलाओं को लाने के लिए पार्षद से लेकर बूथ अध्यक्ष तक को पास दिए गए थे। भाजपा के पार्षदों और मंडल अध्यक्षों को 50-50, बूथ अध्यक्षों को 15-15 पास दिए गए थे। इसके अलावा व्यक्तिगत भी पास वितरण कराया था। भारी भीड़ उमड़ने की संभावना के बावजूद सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाएं नहीं की गई। जिसका खामियाजा महिलाओं-बच्चों को भुगतना पड़ा।

घटना की न्यायिक जांच की मांग 
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने कहा कि बृहस्पतिवार को बरेली क्लब मैदान पर हुई घटना की न्यायिक जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस इस घटना के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी, ताकि मृतका के परिजनों को न्याय मिल सके। यह घटना आयोजकों व प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इस घटना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो दुखद एवं शर्मनाक है। 

महिला व बच्चे की मौत की चर्चा से बेकाबू हुई भीड़ 
नरियावल निवासी महिला ने बताया कि साड़ी लेने के लिए टोकन मिला था। बहन के साथ आई थी। साथ मौजूद बहन ने बड़ी मुश्किल से साड़ी का पैकेट लिया, पर वहां महिला और बच्चे की मौत की चर्चा से हंगामा होने लगा। इसलिए बिना साड़ी लिए लौट आई। साड़ी के लिए मरना नहीं है। 

कार्यक्रम की प्रशासनिक अनुमति से होती हैं व्यवस्थाएं
एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी के मुताबिक, सार्वजनिक या बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए ली जाती है। पुलिस, अग्निशमन, नगर निगम व अन्य विभागों को जरूरी व्यवस्था करने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

महापौर उमेश गौतम ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान किसी महिला की मौत नहीं हुई है। जिस महिला की मौत का मामला सुर्खियों में है, उसका कार्यक्रम से कोई जुड़ाव नहीं है। 

एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि पार्थ फाउंडेशन के कार्यक्रम की कोई परमिशन नहीं ली गई थी। मामले में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से अभी कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है। 

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि महिला के परिवार ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। शिकायत मिलने पर पुलिस जरूर कार्रवाई करती। भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 
 
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