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Bareilly News: आयुष्मान के अटके भुगतान, विसंगतियों के विरोध में चिकित्सकों का हल्ला बोल

Wed, 12 Feb 2025 02:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2025 02:19 AM IST
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Doctors protest against pending payments and discrepancies under Ayushman Yojana
बरेली। आयुष्मान से इलाज के बाद अस्पतालों का करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। इससे आक्रोशित चिकित्सक मंगलवार को सड़क पर उतरे। पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी आवास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। डीएम ने भुगतान का आश्वासन दिया है।
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प्रदर्शन से पहले चिकित्सक, अस्पताल संचालक, पैरामेडिकल स्टाफ आईएमए भवन के सभागार में एकत्र हुए। मांगों को प्रदेश और केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर परेशानी साझा करने की अपील की गई। आयुष्मान के भुगतान प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाल रही स्टेट एजेंसी फॉर कांप्रेहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीस) पर निशाना साधने के लिए कहा गया। एजेंसी छिटपुट खामियां, नियम और मानक की अड़चन बताकर भुगतान निरस्त कर रही है। सभी ने भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। आईएमए ब्लड बैंक के चेयरमैन डॉ. अजय भारती ने भुगतान न होने पर विधिक कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता से राय लेने का सुझाव दिया।
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अस्पतालों का 25 लाख से 25 करोड़ रुपये तक है बकाया
सभागार में चिकित्सकों ने बताया कि जिले के दो सौ निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में पंजीकृत हैं। बीते वर्ष यूपी एमसीआई में पंजीकरण न होने से भुगतान का पेच फंसा। फिर तमाम खामियां निकालकर भुगतान निरस्त किया जाने लगा। अव्यवहारिक नियम बनाए। सौ से ज्यादा अस्पतालों का न्यूनतम 25 लाख से अधिकतम 25 करोड़ रुपये तक बकाये का अनुमान है।
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भूमि बेचने तक की नौबतआईएमए अध्यक्ष डॉ आरके सिंह ने कहा कि भुगतान फंसने की वजह से कई चिकित्सक एफडी तोड़ रहे हैं। लोन ले रहे हैं। भूमि बेचने तक की नौबत आ रही है। डॉ. रवि मेहरा ने कहा कि सरकार की योजना मरीजों के लिए संजीवनी है, पर चिकित्सक मोहरा बन रहे हैं। आईएमए बरेली प्रदेश की पहली शाखा है, जिसने विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया। चिकित्सक हताश होंगे तो वे मरीजों को भर्ती करना बंद करेंगे। इससे शासन की छवि धूमिल होगी।


बार बार फोटो खींचना मुमकिन नहीं
उप्र ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. विनोद पागरानी ने कहा कि दिन में कई बार मरीज के साथ फोटो खींचना मुमकिन नहीं। प्राथमिक स्वीकृत के बाद, फायर एनओसी न होने आदि की वजह बताकर भुगतान रोकना अनुचित है। इस दौरान भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, आईएमए से डॉ. रवीश अग्रवाल, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. रतनपाल सिंह, डॉ. शिवम, डॉ. डीपी गंगवार, डॉ. शालिनी माहेश्वरी, डॉ. प्रगति अग्रवाल व अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

ये हैं प्रमुख मांगें
- 31 दिसंबर 2024 तक के बकाये का भुगतान हो।
- 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के इलाज का पैकेज तीन गुना हो।
- भुगतान में देरी पर ब्याज मिले।
- तकनीकी कारण से अस्वीकृत भुगतान को स्वीकृत करें।
- डिस्चार्ज होने के बाद तकनीकी वजह से भुगतान न रुके।
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