Bareilly: जिला पंचायत सदस्य का मोबाइल नहीं लौटा रहे दरोगा, मांगी 20 हजार रिश्वत; मुख्यमंत्री से शिकायत
युवक के अपहरण के मामले में जिला पंचायत सदस्य को पुलिस ने जेल भेजा था। बाद में युवक मिल गया। वह अपने दोस्त के यहां छिपा था। इधर, जेल से आने के बाद जिला पंचायत सदस्य ने दरोगा पर मोबाइल न लौटाने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने मीरगंज थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जेल भेजने के दौरान उनका मोबाइल दरोगा ने कब्जे में लिया था। अब दरोगा मोबाइल वापस नहीं कर रहे।
आरोप लगाया कि दरोगा फोन लौटाने के बदले में हजारों रुपये की डिमांड कर रहे है। इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य ने पुलिस को ट्वीट किया है। उधर, मीरगंज थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस से खुन्नस निकालने को यह आरोप लगाए गए हैं।
यह था मामला
मीरगंज के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी विकास सिंह अचानक लापता हो गया था। उसकी मां ने जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी, उनकी पत्नी, गांव की प्रधान के पति समरपाल और विनोद के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में पुलिस ने निरंजन यदुवंशी समेत चार आरोपियों को जेल भेजा था। उनके जेल जाने के बाद विकास को भी पुलिस ने चंदौसी में उसके दोस्त के घर से पकड़ लिया था। उसने बताया था कि डर की वजह से अपने दोस्त के यहां छिप गया था।
दरोगा हेमंत यादव पर लगाया आरोप
जेल से बाहर आने के बाद जिला पंचायत सदस्य ने मीरगंज थाने के दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें फर्जी अपहरण के मामले में थाना मीरगंज पुलिस ने भेज दिया। मेरा मोबाइल दरोगा हेमंत यादव ने अपने पास जमा कर लिया था।
जेल से आने के बाद जब उन्होंने मोबाइल वापस मांगा तो दरोगा ने 20 हजार रुपये मांगने लगे। जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि उनके मोबाइल की कीमत 50 हजार रुपये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और यूपी पुलिस को ट्वीट कर मोबाइल दिलाने की मांग की है।