रिश्वतखोरी का मामला: आरोपी होमगार्ड भेजा गया जेल, जिला कमांडेंट फरार, तलाश रही एंटी करप्शन की टीम
रिश्वतखोरी के मामले में होमगार्ड गौरव सिंह चौहान के साथ ही जिला कमांडेंड शैलेंद्र प्रताप सिंह को भी नामजद किया गया है। इस मामले में होमगार्ड गौरव को जेल भेज दिया गया है। जिला कमांडेंट फरार है।
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बरेली के होमगार्ड विभाग में भ्रष्टाचार का खेल उजागर होने के बाद जिला कमांडेंट फरार हो गया है। एंटी करप्शन विभाग की टीम उसकी तलाश में हैं। वहीं, होमगार्ड इससे खुश हैं। उनका मानना है कि इस घटना के बाद होमगार्ड कार्यालय में भ्रष्टाचार का खेल शायद रुक जाए।
रिश्वतखोरी के मामले में होमगार्ड गौरव सिंह चौहान के साथ ही जिला कमांडेंड शैलेंद्र प्रताप सिंह को भी नामजद किया गया है। मुकदमे की विवेचना एंटी करप्शन टीम कर रही है। जिला कमांडेंट की तलाश में एंटी करप्शन की टीम कार्यालय समेत दो तीन जगह गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। मंडलीय कमांडेंट भी अवकाश पर हैं।
'विभाग में बढ़ा भ्रष्टाचार'
दबी जुबान से कई होमगार्ड ने बताया कि जिला कमांडेंट के आने के बाद विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ गया था। ड्यूटी में कभी देर आने या इधर-उधर होने पर निलंबित करने की धमकी दी जाती थी। ड्यूटी हटाने व लगाने के नाम पर कम से कम 25 हजार रुपये लिए जाते थे। अगर कोई होमगार्ड किसी मामले में फंसा है तब उसे बहाल करने के नाम पर एक लाख रुपये तक मांगे जाते थे।
चर्चा यह है कि मंगलवार को गौरव सिंह की स्कूटी की डिकी से जो 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं, वह फरीदपुर के एक होमगार्ड से लेकर आ रहा था। उससे एक लाख रुपये मांगे गए थे। बताया जा रहा है कि कमांडेंट ने गौरव के जरिये निलंबन व बहाली का पूरा काकस खड़ा कर रखा था। पीड़ित रहे जवान अब रिपोर्ट दर्ज होने के बाद खुश हैं।
जेल गए होमगार्ड का रिश्तेदार भी कार्यालय में तैनात
जेल गए होमगार्ड गौरव ने अपने एक रिश्तेदार को भी होमगार्ड कार्यालय में लगा रखा है। बताया जाता है कि वह कंप्यूटर पर बैठता है। वह भी वसूली के खेल में शामिल है। होमगार्डों का कहना है कि अगर ठीक से जांच हो जाए तो कई और लोगों के नाम सामने आएंगे। अधिकारियों को सब पता है, लेकिन जानबूझकर वे अनजान बने रहते हैं।