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650 से बढ़कर 1000 29 हजार वर्गमीटर अब अफसरों के 100 करोड़
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650 से बढ़कर 1000 29 हजार वर्गमीटर अब अफसरों के 100 करोड़
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। सेटेलाइट बसअड्डे की जगह प्रस्तावित अत्याधुनिक बहुमंजिला बस स्टेशन का नक्शा तैयार कर लिया गया है। बंगलूरू और मुंबई जैसे शहरों की तर्ज पर सेटेलाइट अड्डे की 29 हजार वर्गमीटर से ज्यादा जमीन पर पीपीपी मॉडल के तहत यह बस स्टेशन करीब सौ करोड़ की लागत से बनेगा। परिवहन निगम के अधिकारियों ने नक्शा मुख्यालय भेजने के साथ यह भी साफ किया है कि आधुनिक बस स्टेशन के लिए अतिरिक्त जमीन खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
प्रदेश सरकार 20 से ज्यादा शहरों में पीपीपी मॉडल पर आधुनिक बस स्टेशन बनाने जा रही है। बरेली उन चुनिंदा शहरों में है जहां इस बस स्टेशन के लिए पर्याप्त जमीन पहले से उपलब्ध है और उसकी भौगोलिक स्थिति भी मानकों के अनुरूप है। इसी कारण उम्मीद जताई जा रही है कि बरेली में अपेक्षाकृत जल्दी काम शुरू होगा। हालांकि बरेली में ऐसा ही एक और बस स्टेशन बनाया जाना है जिसके लिए जमीन की तलाश किया जाना बाकी है।
अधिकारी दावा कर रहे हैं कि दिल्ली-लखनऊ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली में सेटेलाइट पर बनने जा रहा बस स्टेशन ऐसा दूसरा पीपीपी मॉडल का बस स्टेशन होगा जो बड़े शहरों को टक्कर देने में सक्षम होगा। परिवहन निगम के अफसरों ने इस प्रोजेक्ट पर अपने स्तर का काम लगभग पूरा कर लिया है। बताया जा रहा है कि 29 हजार वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित स्टेशन करीब एक तिहाई हिस्से में ही बनेगा, बाकी जमीन ओपन एरिया और पार्किंग के लिए आरक्षित रहेगी। परिवहन निगम के पास यहां जरूरत के मुताबिक पूरी जमीन है इसलिए यह भी साफ कर दिया गया है कि यहां और भूमि के अधिग्रहण की जरूरत नहीं है।
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कर्मचारी आवास और अतिथि कक्ष तोड़े जाएंगे मगर ऑफिसर्स कॉलोनी सुरक्षित
सेटेलाइट स्टेशन के पीछे कर्मचारियों के 36 आवासों के साथ खेल मैदान भी है। आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए ये सभी आवास तोड़े जाएंगे। यहां रह रहे कर्मचारियों के परिवारों को कहां शिफ्ट किया जाएगा, यह अभी साफ नहीं है। इसी तरह विभागीय अतिथि कक्षों को भी तोड़ा जाएगा। हालांकि बस स्टेशन के प्रस्तावित नक्शे में ऑफिसर्स कॉलोनी सुरक्षित दिखाई दे रही है।
रीजनल वर्कशॉप भी नक्शे में शामिल
पीपीपी मॉडल पर बनने वाले सेटेलाइट स्टेशन के मानचित्र में रीजनल वर्कशॉप का ज्यादातर हिस्सा शामिल हो गया है। मानचित्र में नीलामी यार्ड, स्टोर, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, बस निर्माण और मरम्मत आदि सेक्शन भी स्टेशन का निर्माण शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएंगे। रीजनल वर्कशॉप किस स्थान पर शिफ्ट होगी, इसके लिए अभी कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है।
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प्रदेश सरकार 20 से ज्यादा शहरों में पीपीपी मॉडल पर आधुनिक बस स्टेशन बनाने जा रही है। बरेली उन चुनिंदा शहरों में है जहां इस बस स्टेशन के लिए पर्याप्त जमीन पहले से उपलब्ध है और उसकी भौगोलिक स्थिति भी मानकों के अनुरूप है। इसी कारण उम्मीद जताई जा रही है कि बरेली में अपेक्षाकृत जल्दी काम शुरू होगा। हालांकि बरेली में ऐसा ही एक और बस स्टेशन बनाया जाना है जिसके लिए जमीन की तलाश किया जाना बाकी है।
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अधिकारी दावा कर रहे हैं कि दिल्ली-लखनऊ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली में सेटेलाइट पर बनने जा रहा बस स्टेशन ऐसा दूसरा पीपीपी मॉडल का बस स्टेशन होगा जो बड़े शहरों को टक्कर देने में सक्षम होगा। परिवहन निगम के अफसरों ने इस प्रोजेक्ट पर अपने स्तर का काम लगभग पूरा कर लिया है। बताया जा रहा है कि 29 हजार वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित स्टेशन करीब एक तिहाई हिस्से में ही बनेगा, बाकी जमीन ओपन एरिया और पार्किंग के लिए आरक्षित रहेगी। परिवहन निगम के पास यहां जरूरत के मुताबिक पूरी जमीन है इसलिए यह भी साफ कर दिया गया है कि यहां और भूमि के अधिग्रहण की जरूरत नहीं है।
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कर्मचारी आवास और अतिथि कक्ष तोड़े जाएंगे मगर ऑफिसर्स कॉलोनी सुरक्षित
सेटेलाइट स्टेशन के पीछे कर्मचारियों के 36 आवासों के साथ खेल मैदान भी है। आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए ये सभी आवास तोड़े जाएंगे। यहां रह रहे कर्मचारियों के परिवारों को कहां शिफ्ट किया जाएगा, यह अभी साफ नहीं है। इसी तरह विभागीय अतिथि कक्षों को भी तोड़ा जाएगा। हालांकि बस स्टेशन के प्रस्तावित नक्शे में ऑफिसर्स कॉलोनी सुरक्षित दिखाई दे रही है।
रीजनल वर्कशॉप भी नक्शे में शामिल
पीपीपी मॉडल पर बनने वाले सेटेलाइट स्टेशन के मानचित्र में रीजनल वर्कशॉप का ज्यादातर हिस्सा शामिल हो गया है। मानचित्र में नीलामी यार्ड, स्टोर, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, बस निर्माण और मरम्मत आदि सेक्शन भी स्टेशन का निर्माण शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएंगे। रीजनल वर्कशॉप किस स्थान पर शिफ्ट होगी, इसके लिए अभी कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है।