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दिल्ली-लखनऊ हाईवे- सफर कहां खत्म हो जाए पता ही नहीं.. तौबा इस हाईवे से
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इटावा बरेली हाईवे पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे के जिस बड़े हिस्से को बरेली-सीतापुर फोरलेन में तब्दील होना था, उसकी हालत फिलहाल गांव की कच्ची गलियों से बदतर है। सिस्टम की अनदेखी इस पर गुजरने वालों के लिए लगातार और खतरा बढ़ा रही है। टूटते-दरकते हाईवे के किनारे बड़े-बड़े खड्ड हो गए हैं। फरीदपुर बाईपास पर फ्लाईओवर और उसकी सर्विस रोड पर कई फुट गहरे गड्ढे हैं। रोड के किनारे टूटने से कोहरे में एक्सीडेंट की आशंका बढ़ गई है। गौसगंज के पास कई बड़े एक्सीडेंट हो चुकेे हैं। उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे की मौत के बाद एनएचएआई अधिकारियों ने यहां जो पैच वर्क कराया था, वह फिर उखड़ गया है। रोड सेफ्टी के नाम पर लगी लाइट भी चोरी हो गई है। फतेहगंज पूर्वी में भी निर्माणाधीन फ्लाईओवर के साथ उसकी सर्विस लेन पर गड्ढे हो गए हैं। शुक्रवार को बारिश के बाद इस हाईवे पर सफर करना मौत को दावत देने जितना खतरनाक साबित हुआ।
ओवरब्रिज को पिछले साल खतरनाक बताकर बंद किया था, अब बगैर मरम्मत कराए फिर खोल दिया
फरीदपुर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर मरम्मत न होने से फरीदपुर के पास पांच किलोमीटर के अंदर पांच एक्सीडेंट जोन बन गए हैं। एनएचएआई अधिकारियों के इसकी मरम्मत न कराए जाने से यहां हादसे का खतरा बना हुआ है। बाईपास पर बने ओवरब्रिज को सालभर पहले बंद कर दिया गया था। अब उसे बिना किसी मरम्मत के शुरू कर दिया गया है।
उधर, बाईपास पर बने फ्लाईओवर की एप्रोच रोड पर भी पड़ी गहरी दरारों और तमाम गहरे गड्ढों को अब तक नहीं भरा गया है। ग्रोवर कोल्ड स्टोरेज के पास एक्सीडेंट जोन के तौर पर चिह्नित एरिया में ठीक से स्पीड ब्रेकर तक नहीं बनाए गए हैं लिहाजा तेज गति से गुजर रहे भारी वाहन हादसे का और खतरा बढ़ा रहे हैं। रोड सेफ्टी के नाम पर लगाई गईं दो में से एक लाइट भी चोरी हो गई है। हाईवे पर आधा-अधूरा पड़ा टोल प्लाजा पर आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद यहां अब तक न रिफलेक्टर लगाए गए हैं न संकेतक। गौसगंज मोड़ पर फरीदपुर का बाईपास शुरू होने से पहले कई खतरनाक कट बने हैं। यहां भी रोड सेफ्टी के कोई काम नहीं कराए गए हैं।
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बीसलपुर रोड पर ओवरब्रिज भी काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। पहले सीतापुर से बरेली की तरफ ओवरब्रिज को बंद कर दिया गया था लेकिन बाद में बरेली से सीतापुर की तरफ भी ओवरब्रिज पर आवागमन रोक दिया गया था लेकिन खतरा होने के बावजूद टूटे फ्लाईओवर पर दोनों साइड का ट्रैफिक निकलने लगा है। ओवरब्रिज के पास टूटी सड़क पर मिट्टी के ऊंचे टीले बना दिए गए हैं। उस पर घने कोहरे में भी एक्सीडेंट हो सकता है। गुरुद्वारा ओवरब्रिज की भी दोनों साइडें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सीतापुर जाने वाली साइड में ओवरब्रिज धंस रहा है जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा भी काफी टूट चुका है। इसमें गहरी दरारें पड़ने से एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। पांच दिन पहले कोहरे की वजह से यहां एक कार गिरते बची थी। यहां भी संकेतन नहीं लगाए गए हैं।
फतेहगंज पूर्वी में तालाब में तब्दील हो गया नेशनल हाईवे
फतहेगंज पूर्वी। अधूरे और टूटे सीतापुर फोरलेन पर बाईपास के दोनों ओर बनाई गई सर्विस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। शुक्रवार को बारिश के दौरान इस रोड की हालत बद से बदतर हो गई है। नेशनल हाईवे तालाब में तब्दील हो जाने से वहां एक्सीडेंट का खतरा बना रहा। पिछले साल भी यहां आधे-अधूरे पड़े फ्लाईओवर की सर्विस रोड पर मिट्टी बहने से खतरा बढ़ गया था। इसके बावजूद यहां मरम्मत के नाम पर छिटपुट काम हुए। इस हाईवे पर बड़े-बड़े खड्ड होने जाने से यहां एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। यहां सबसे बड़ी दिक्कत हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग को लेकर भी है। यहां ओवरब्रिज के लिए 45 करोड़ का बजट पास होने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं शुरू हुआ है। शुक्रवार को भी यहां वाहनों को आवागमन में दिक्कत हुई।
इस हाईवे को जल्द बनाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाकर फिर से बातचीत करेंगे। हाईवे बनाने में कौन सी दिक्कतें आ रही हैं, उनका समाधान कराया जाएगा। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी
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ओवरब्रिज को पिछले साल खतरनाक बताकर बंद किया था, अब बगैर मरम्मत कराए फिर खोल दिया
फरीदपुर में हाईवे पर पांच एक्सीडेंट जोन, हादसों के भारी खतरे के बावजूद अफसर बेफिक्र
फरीदपुर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर मरम्मत न होने से फरीदपुर के पास पांच किलोमीटर के अंदर पांच एक्सीडेंट जोन बन गए हैं। एनएचएआई अधिकारियों के इसकी मरम्मत न कराए जाने से यहां हादसे का खतरा बना हुआ है। बाईपास पर बने ओवरब्रिज को सालभर पहले बंद कर दिया गया था। अब उसे बिना किसी मरम्मत के शुरू कर दिया गया है।
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उधर, बाईपास पर बने फ्लाईओवर की एप्रोच रोड पर भी पड़ी गहरी दरारों और तमाम गहरे गड्ढों को अब तक नहीं भरा गया है। ग्रोवर कोल्ड स्टोरेज के पास एक्सीडेंट जोन के तौर पर चिह्नित एरिया में ठीक से स्पीड ब्रेकर तक नहीं बनाए गए हैं लिहाजा तेज गति से गुजर रहे भारी वाहन हादसे का और खतरा बढ़ा रहे हैं। रोड सेफ्टी के नाम पर लगाई गईं दो में से एक लाइट भी चोरी हो गई है। हाईवे पर आधा-अधूरा पड़ा टोल प्लाजा पर आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद यहां अब तक न रिफलेक्टर लगाए गए हैं न संकेतक। गौसगंज मोड़ पर फरीदपुर का बाईपास शुरू होने से पहले कई खतरनाक कट बने हैं। यहां भी रोड सेफ्टी के कोई काम नहीं कराए गए हैं।
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बीसलपुर रोड पर ओवरब्रिज भी काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। पहले सीतापुर से बरेली की तरफ ओवरब्रिज को बंद कर दिया गया था लेकिन बाद में बरेली से सीतापुर की तरफ भी ओवरब्रिज पर आवागमन रोक दिया गया था लेकिन खतरा होने के बावजूद टूटे फ्लाईओवर पर दोनों साइड का ट्रैफिक निकलने लगा है। ओवरब्रिज के पास टूटी सड़क पर मिट्टी के ऊंचे टीले बना दिए गए हैं। उस पर घने कोहरे में भी एक्सीडेंट हो सकता है। गुरुद्वारा ओवरब्रिज की भी दोनों साइडें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सीतापुर जाने वाली साइड में ओवरब्रिज धंस रहा है जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा भी काफी टूट चुका है। इसमें गहरी दरारें पड़ने से एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। पांच दिन पहले कोहरे की वजह से यहां एक कार गिरते बची थी। यहां भी संकेतन नहीं लगाए गए हैं।
फतेहगंज पूर्वी में तालाब में तब्दील हो गया नेशनल हाईवे
फतहेगंज पूर्वी। अधूरे और टूटे सीतापुर फोरलेन पर बाईपास के दोनों ओर बनाई गई सर्विस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। शुक्रवार को बारिश के दौरान इस रोड की हालत बद से बदतर हो गई है। नेशनल हाईवे तालाब में तब्दील हो जाने से वहां एक्सीडेंट का खतरा बना रहा। पिछले साल भी यहां आधे-अधूरे पड़े फ्लाईओवर की सर्विस रोड पर मिट्टी बहने से खतरा बढ़ गया था। इसके बावजूद यहां मरम्मत के नाम पर छिटपुट काम हुए। इस हाईवे पर बड़े-बड़े खड्ड होने जाने से यहां एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। यहां सबसे बड़ी दिक्कत हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग को लेकर भी है। यहां ओवरब्रिज के लिए 45 करोड़ का बजट पास होने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं शुरू हुआ है। शुक्रवार को भी यहां वाहनों को आवागमन में दिक्कत हुई।
इस हाईवे को जल्द बनाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाकर फिर से बातचीत करेंगे। हाईवे बनाने में कौन सी दिक्कतें आ रही हैं, उनका समाधान कराया जाएगा। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी