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रेता और बजरी की किल्लत से ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का काम रुका
बरेली।
Updated Sat, 22 Apr 2017 01:08 AM IST
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परसाखेड़ा में बनाए जा रहे ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का काम रुक गया है। अभी ट्रैक का सिर्फ 60 फीसदी काम ही हुआ है। बजट की कमी और रेता, बजरी की सप्लाई न होने से परेशानी आ रही है, जबकि ट्रैक को इसी साल तैयार होना है। इस ट्रैक पर ऑटोमेटिक तरीके से ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। पास होने पर ही लाइसेंस मिलेगा।
पांच हजार स्क्वायर वर्ग मीटर में बनाए जा रहे ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक में आरटीओ कार्यालय भी बनाया जाएगा। डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ट्रैक की पहली किश्त 75 लाख रुपये जारी हो गई थी। यह खत्म होने के बाद अभी तक दूसरी किश्त नहीं मिली है, लेकिन पिछले कई दिनों से रेता और बजरी की सप्लाई रुकने से काम प्रभावित है।
गुरुवार को इस संबंध में डीएम सुरेंद्र सिंह ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी भी ली। उन्हें बताया गया कि निर्माण एजेंसी यूपीपीसीएल ने कार्यालय और ट्रैक से जुड़ा काम लगभग पूरा कर लिया है। इस पर आरसीसी रोड बनाई जानी है। इसके बाद इसे फाइनल टच दिया जाएगा और आसपास हरियाली भी लगाई जाएगी।
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लाल सिग्नल बताएगा कि ट्रैक पर ड्राइविंग करते हुई गलती
ट्रैक को पूरी तरह से आटोमेटिक बनाया जा रहा है। यहां जेब्रा लाइन और ट्रैफिक लाइट भी लगी होगी। एक कमरे में अंदर सिग्नल लगाए जाएंगे। ट्रैक पर दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाते समय अगर गलती हुई तो कमरे में लगे सिग्नल जल उठेेंगे। मानक के मुताबिक अधिक गलती पर आवेदन रद्द हो जाएगा।
रेता और बजरी की सप्लाई न होेने से काम पहले से रुका था, इसके बाद बजट की दूसरी किश्त जारी नहीं हुई। हालांकि बताया जा रहा है कि बजट जल्द ही जारी हो जाएगा।
- आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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पांच हजार स्क्वायर वर्ग मीटर में बनाए जा रहे ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक में आरटीओ कार्यालय भी बनाया जाएगा। डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ट्रैक की पहली किश्त 75 लाख रुपये जारी हो गई थी। यह खत्म होने के बाद अभी तक दूसरी किश्त नहीं मिली है, लेकिन पिछले कई दिनों से रेता और बजरी की सप्लाई रुकने से काम प्रभावित है।
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गुरुवार को इस संबंध में डीएम सुरेंद्र सिंह ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी भी ली। उन्हें बताया गया कि निर्माण एजेंसी यूपीपीसीएल ने कार्यालय और ट्रैक से जुड़ा काम लगभग पूरा कर लिया है। इस पर आरसीसी रोड बनाई जानी है। इसके बाद इसे फाइनल टच दिया जाएगा और आसपास हरियाली भी लगाई जाएगी।
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लाल सिग्नल बताएगा कि ट्रैक पर ड्राइविंग करते हुई गलती
ट्रैक को पूरी तरह से आटोमेटिक बनाया जा रहा है। यहां जेब्रा लाइन और ट्रैफिक लाइट भी लगी होगी। एक कमरे में अंदर सिग्नल लगाए जाएंगे। ट्रैक पर दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाते समय अगर गलती हुई तो कमरे में लगे सिग्नल जल उठेेंगे। मानक के मुताबिक अधिक गलती पर आवेदन रद्द हो जाएगा।
रेता और बजरी की सप्लाई न होेने से काम पहले से रुका था, इसके बाद बजट की दूसरी किश्त जारी नहीं हुई। हालांकि बताया जा रहा है कि बजट जल्द ही जारी हो जाएगा।
- आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन