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कुछ खास वार्डों पर ही है कृपा दृष्टि
बरेली
Updated Wed, 28 Jan 2015 01:38 AM IST
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शहर के विकास में भेदभावहो रहा है। पिछले ढाई साल में 19 वार्डों पर प्रति वार्ड एक से सवा दो करोड़ रुपये तक खर्च हो चुके हैं। इसके विपरीत 26 वार्ड ऐसे हैं जिनके हिस्से में 50-50 लाख भी खर्च नहीं हो पाए हैं। पॉश कालोनियों पर ज्यादा बजट खर्च हो रहा है जबकि पिछड़े वार्ड और पिछड़े होते जा रहे हैैं।
नगर निगम में राज्य वित्त आयोग, 13 वें वित्त आयोग, अवस्थापना निधि और नगर निगम निधि से हॉट मिक्स सड़क, टाइल्स सड़क, नाला-नाली निर्माण के 79.91 करोड़ के काम स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 55.25 करोड़ के कामों के वर्क आर्डर जारी हो चुके हैं। 24.66 करोड़ के कामों के अभी वर्क आर्डर नहीं हुए हैं। वार्ड वार बजट आवंटन में पक्षपातपूर्ण नीति के चलते शहर के पिछड़े इलाकों का सुनियोजित विकास नहीं हो पा रहा है। ढाई साल में वार्ड 7, 11, 12, 15, 16, 17, 22, 23, 25, 31, 36, 40, 43, 46, 48, 49, 50, 64 और 67 में एक से सवा दो करोड़ की रकम खर्च की जा चुकी है जबकि 26 वार्ड ऐसे हैं जिनमें 50 लाख भी खर्च नहीं हुए। वार्ड 43 में सर्वाधिक 2.2598 करोड़ और वार्ड 59 में सबसे कम 19.39 लाख रुपये खर्च हुए। बाकी के वार्डों में एक करोड़ के काम चल रहे हैं। बजट आवंटन में भेदभाव को लेकर पार्षद बोर्ड की बैठक में कई बार हंगामा कर चुके हैं मगर, उसका नतीजा कुछ नहीं निकला।
50 लाख से कम खर्च वाले वार्ड
वार्ड दो-34.83 लाख, वार्ड चार-37.57 लाख, वार्ड पांच-30.26 लाख, वार्ड आठ-37.95 लाख, वार्ड नौ-38.01 लाख, वार्ड बीस-49.11 लाख, वार्ड चौबीस-41.62 लाख, वार्ड छब्बीस-38.14 लाख, वार्ड अट्ठाइस-32.31 लाख, वार्ड तीस-23.39 लाख, वार्ड तैंतीस-27.24 लाख, वार्ड चौंतीस-48.76 लाख, वार्ड सैंतीस-34.75 लाख, वार्ड अड़तीस-49.96 लाख, वार्ड उनतालीस-29.01 लाख, वार्ड बयालीस-24.40 लाख, वार्ड पैंतालीस-40.58 लाख, वार्ड सैंतालीस-33.60 लाख, वार्ड इक्यावन-24.20 लाख, वार्ड चौवन-28.83 लाख, वार्ड पचपन-33.12 लाख, वार्ड छप्पन-33.70 लाख, वार्ड साठ-29.50 लाख, वार्ड तेरठ-29.96 लाख, वार्ड छियासठ-31.70 लाख, वार्ड उन्हत्तर-32.12 लाख।
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‘सभी वार्डों में बराबर बजट से काम कराने का प्रयास किया जा रहा है। शासन की भी यही नीति है। किसी वार्ड में कम या ज्यादा बजट खर्च होगा, तो उसे अगले वर्ष में बढ़ाया या घटाया जा सकता है।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
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नगर निगम में राज्य वित्त आयोग, 13 वें वित्त आयोग, अवस्थापना निधि और नगर निगम निधि से हॉट मिक्स सड़क, टाइल्स सड़क, नाला-नाली निर्माण के 79.91 करोड़ के काम स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 55.25 करोड़ के कामों के वर्क आर्डर जारी हो चुके हैं। 24.66 करोड़ के कामों के अभी वर्क आर्डर नहीं हुए हैं। वार्ड वार बजट आवंटन में पक्षपातपूर्ण नीति के चलते शहर के पिछड़े इलाकों का सुनियोजित विकास नहीं हो पा रहा है। ढाई साल में वार्ड 7, 11, 12, 15, 16, 17, 22, 23, 25, 31, 36, 40, 43, 46, 48, 49, 50, 64 और 67 में एक से सवा दो करोड़ की रकम खर्च की जा चुकी है जबकि 26 वार्ड ऐसे हैं जिनमें 50 लाख भी खर्च नहीं हुए। वार्ड 43 में सर्वाधिक 2.2598 करोड़ और वार्ड 59 में सबसे कम 19.39 लाख रुपये खर्च हुए। बाकी के वार्डों में एक करोड़ के काम चल रहे हैं। बजट आवंटन में भेदभाव को लेकर पार्षद बोर्ड की बैठक में कई बार हंगामा कर चुके हैं मगर, उसका नतीजा कुछ नहीं निकला।
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50 लाख से कम खर्च वाले वार्ड
वार्ड दो-34.83 लाख, वार्ड चार-37.57 लाख, वार्ड पांच-30.26 लाख, वार्ड आठ-37.95 लाख, वार्ड नौ-38.01 लाख, वार्ड बीस-49.11 लाख, वार्ड चौबीस-41.62 लाख, वार्ड छब्बीस-38.14 लाख, वार्ड अट्ठाइस-32.31 लाख, वार्ड तीस-23.39 लाख, वार्ड तैंतीस-27.24 लाख, वार्ड चौंतीस-48.76 लाख, वार्ड सैंतीस-34.75 लाख, वार्ड अड़तीस-49.96 लाख, वार्ड उनतालीस-29.01 लाख, वार्ड बयालीस-24.40 लाख, वार्ड पैंतालीस-40.58 लाख, वार्ड सैंतालीस-33.60 लाख, वार्ड इक्यावन-24.20 लाख, वार्ड चौवन-28.83 लाख, वार्ड पचपन-33.12 लाख, वार्ड छप्पन-33.70 लाख, वार्ड साठ-29.50 लाख, वार्ड तेरठ-29.96 लाख, वार्ड छियासठ-31.70 लाख, वार्ड उन्हत्तर-32.12 लाख।
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‘सभी वार्डों में बराबर बजट से काम कराने का प्रयास किया जा रहा है। शासन की भी यही नीति है। किसी वार्ड में कम या ज्यादा बजट खर्च होगा, तो उसे अगले वर्ष में बढ़ाया या घटाया जा सकता है।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त