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ईश्वर भक्ति से होता है तामसी प्रवृति का अंत
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बरेली। कथा व्यास डॉ. देवी नंदन ने कहा कि कुबलिया पीड़ हाथी-दर्प मद, मोह, चाणूर-काम, मुष्टिक-क्रोध और कंस अभिमान का प्रतीक है। भगवान की शरण में जाने से सभी राक्षसी (तामसी) प्रवृति से छुटकारा मिलता है और सात्विक विचार जागृत होते हैं।
श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में आनंद आश्रम में चल रही रासलीला में उन्होंने कहा कि कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए अक्रूर जी को भेजा था। अक्रूर जी नंद बाबा को धनुष यज्ञ का निमंत्रण देते हुए श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा लाते हैं। महल के दरवाजे पर कई विध्वंस शक्तियों का नाश करते हैं। अंत में कंस को मारकर पिता वासुदेव और माता देवकी को मुक्त कराते हैं। राज सिंहासन पर उग्रसेन को बैठाकर राज तिलक करते हैं। रासलीला के दूसरे सत्र में बरसाने की होली का मंचन किया गया। होली के दिन गोपियां लठमार होली खेलती हैं। मंच पर फूलों से होली खेली गई। यह मनोहारी दृश्य देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। फूलों की होली के साथ ही रासलीला का समापन हो गया। राधा माधव संकीर्तन मंडल के संरक्षक जुगल किशोर साबू ने सभी का आभार जताया।
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श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में आनंद आश्रम में चल रही रासलीला में उन्होंने कहा कि कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए अक्रूर जी को भेजा था। अक्रूर जी नंद बाबा को धनुष यज्ञ का निमंत्रण देते हुए श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा लाते हैं। महल के दरवाजे पर कई विध्वंस शक्तियों का नाश करते हैं। अंत में कंस को मारकर पिता वासुदेव और माता देवकी को मुक्त कराते हैं। राज सिंहासन पर उग्रसेन को बैठाकर राज तिलक करते हैं। रासलीला के दूसरे सत्र में बरसाने की होली का मंचन किया गया। होली के दिन गोपियां लठमार होली खेलती हैं। मंच पर फूलों से होली खेली गई। यह मनोहारी दृश्य देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। फूलों की होली के साथ ही रासलीला का समापन हो गया। राधा माधव संकीर्तन मंडल के संरक्षक जुगल किशोर साबू ने सभी का आभार जताया।
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