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मौत की वजह जानने को कब्र से निकाला शव
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 12 Jun 2016 01:27 AM IST
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कब्र से निकाला शव
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बहेड़ी। कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस नेत्री उरूज फात्मा के बेटे आजम की हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए उसका शव कब्र से निकाला। उसके शव का रविवार को पोस्टमार्टम होगा, जिससे मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी।
सकरस गांव की कांग्रेस नेत्री उरूज फातमा के 21 साल के पुत्र मोहम्मद आजम का शव गांव के पास खाली खेत में 11 दिसंबर 2015 की दोपहर को पड़ा मिला था। मृतक की मां ने पुलिस को तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई थी लेकिन पुलिस ने गांव जाकर इस मामले में कोई जांच नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। एक दिन तक पुलिस के आने का इंतजार करने के बाद 12 दिसंबर की शाम आजम को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। इसके बाद से लगातार उरूज फातमा पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं। जब पुलिस ने नही सुनी तो उन्होंने सीजेएम बरेली की अदालत में मामला दायर किया। सीजेएम के आदेश पर पांच दिन पहले सकरस गांव के पूर्व प्रधान अयूब खां, सरफराज खां, साजिद खां व शारिक खां के खिलाफ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़ित ने अपने पुत्र का शरीर नीला होने, उसकी जीभ से नीली लार टपकने की शिकायत की थी। कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को नायब तहसीलदार आरबी लाल की मौजूदगी में पुलिस ने गांव के कब्रिस्तान से आजम का शव बाहर निकलवाया। कांग्रेस नेत्री का कहना है कि वह प्रधानी के चुनाव में उठीं थी। विरोधियों ने गैर मुस्लिम प्रत्याशी को जिताने के लिए चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हुए उनसे रंजिश रख ली और उनके बेटे की इसी रंजिश के तहत हत्या कर दी गई। उधर, इंस्पेक्टर बहेड़ी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सकरस गांव की कांग्रेस नेत्री उरूज फातमा के 21 साल के पुत्र मोहम्मद आजम का शव गांव के पास खाली खेत में 11 दिसंबर 2015 की दोपहर को पड़ा मिला था। मृतक की मां ने पुलिस को तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई थी लेकिन पुलिस ने गांव जाकर इस मामले में कोई जांच नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। एक दिन तक पुलिस के आने का इंतजार करने के बाद 12 दिसंबर की शाम आजम को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। इसके बाद से लगातार उरूज फातमा पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं। जब पुलिस ने नही सुनी तो उन्होंने सीजेएम बरेली की अदालत में मामला दायर किया। सीजेएम के आदेश पर पांच दिन पहले सकरस गांव के पूर्व प्रधान अयूब खां, सरफराज खां, साजिद खां व शारिक खां के खिलाफ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़ित ने अपने पुत्र का शरीर नीला होने, उसकी जीभ से नीली लार टपकने की शिकायत की थी। कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को नायब तहसीलदार आरबी लाल की मौजूदगी में पुलिस ने गांव के कब्रिस्तान से आजम का शव बाहर निकलवाया। कांग्रेस नेत्री का कहना है कि वह प्रधानी के चुनाव में उठीं थी। विरोधियों ने गैर मुस्लिम प्रत्याशी को जिताने के लिए चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हुए उनसे रंजिश रख ली और उनके बेटे की इसी रंजिश के तहत हत्या कर दी गई। उधर, इंस्पेक्टर बहेड़ी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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