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बरेली में तो धडल्ले से हो रहा है अवैध खनन
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 31 Jul 2016 12:47 AM IST
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हाईकोर्ट के आदेश पर बालू के अवैध खनन की सीबीआई जांच बरेली तक आ सकती है। यहां के बहेड़ी में किच्छा, फरीदपुर में कैलाश तथा सदर की रामगंगा नदी से बालू का अवैध खनन हो रहा है। अवैध खनन करके निकाला गया बालूू प्राइवेट भवनों के मालिक और बिल्डर ही नहीं तो हैं सरकारी निर्माण इकाइयां भी खरीद रही हैं। प्रमुख चौराहों पर सुबह होते ही रेता से भरी बुग्गियां खुलेआम सड़कों पर बिक्री के लिए खड़ी हो जाती है। कोई नहीं पूछता कि वह इस रेता को कहां से लाए हैं।
जिले में अवैध बालू खनन के मुख्य केंद्र बहेड़ी तहसील में किच्छा नदी, फरीदपुर में कैलाश नदी और सदर में राम गंगा नदी का किनारा है। इन नदियों के किनारों के करीब 40 गांव ऐसे हैं, जहां से बड़े लोगों के संरक्षण में बालू का अवैध खनन हो रहा है। हालांकि इस बात को स्थानीय प्रशासन मानने को तैयार नहीं है।
2013 से लगी है रोक
ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 29 अगस्त 2013 से बरेली सहित प्रदेश के 19 जिलों की नदियों से बालू के खनन पर रोक लगाई है। उसी के बाद कागजों में बरेली की किच्छा, कैलाश तथा राम गंगा नदी से खनन पर रोक है । ट्रिब्यूनल ने आदेश किया था कि खनन का पट्टा देने से पहले पर्यावरण विभाग से स्वच्छता प्रमाणपत्र लेना होगा। राज्य सरकार खनन के साथ-साथ नदियों की स्वच्छता के मानक तैयार नहीं कर पाई थी। अब आकर स्वच्छता के साथ माइनिंग प्लान तैयार किया गया है। इसी के बाद खनन के लिए बरेली में किच्छा और कैलाश दो नदियों से खनन के पट्टे देने के लिए आन लाइन आवेदन मांगे गए हैं। इन पट्टों की प्रक्रिया निदेशक माइनिंग की और से पूरी की जाएगी।
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‘अवैध खनन रोकने के बारे में समय-समय पर एसडीएम और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। कई बार अवैध खनन के मामले पकड़े गए और उनमें कार्रवाई भी हुईं हैं।’ गौरव दयाल, डीएम
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जिले में अवैध बालू खनन के मुख्य केंद्र बहेड़ी तहसील में किच्छा नदी, फरीदपुर में कैलाश नदी और सदर में राम गंगा नदी का किनारा है। इन नदियों के किनारों के करीब 40 गांव ऐसे हैं, जहां से बड़े लोगों के संरक्षण में बालू का अवैध खनन हो रहा है। हालांकि इस बात को स्थानीय प्रशासन मानने को तैयार नहीं है।
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2013 से लगी है रोक
ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 29 अगस्त 2013 से बरेली सहित प्रदेश के 19 जिलों की नदियों से बालू के खनन पर रोक लगाई है। उसी के बाद कागजों में बरेली की किच्छा, कैलाश तथा राम गंगा नदी से खनन पर रोक है । ट्रिब्यूनल ने आदेश किया था कि खनन का पट्टा देने से पहले पर्यावरण विभाग से स्वच्छता प्रमाणपत्र लेना होगा। राज्य सरकार खनन के साथ-साथ नदियों की स्वच्छता के मानक तैयार नहीं कर पाई थी। अब आकर स्वच्छता के साथ माइनिंग प्लान तैयार किया गया है। इसी के बाद खनन के लिए बरेली में किच्छा और कैलाश दो नदियों से खनन के पट्टे देने के लिए आन लाइन आवेदन मांगे गए हैं। इन पट्टों की प्रक्रिया निदेशक माइनिंग की और से पूरी की जाएगी।
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‘अवैध खनन रोकने के बारे में समय-समय पर एसडीएम और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। कई बार अवैध खनन के मामले पकड़े गए और उनमें कार्रवाई भी हुईं हैं।’ गौरव दयाल, डीएम