Bihar: घर बनाने निकले सुरेंद्र, बिजली के तार ने छीन ली जिंदगी; कफन में लौटा 52 साल का राजमिस्त्री
सारण जिले के कुमना चारबटनी टोला में सोमवार देर शाम दर्दनाक हादसे में 52 वर्षीय राजमिस्त्री सुरेंद्र राम की मौत हो गई। निर्माणाधीन मकान में रड का काम करते समय ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में रड आ गया, जिससे सुरेंद्र करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
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सारण जिले में एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। दाउदपुर और कोपा थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित कुमना चारबटनी टोला में सोमवार देर शाम निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे 52 वर्षीय राजमिस्त्री सुरेंद्र राम की 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई। वह घर बनाने के लिए काम पर निकले थे, लेकिन वापस उनका शव घर पहुंचा। हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर अस्पताल और थाने तक मातम का माहौल रहा। मृतक की पहचान कोपा थाना क्षेत्र के लेजुआर गांव निवासी स्वर्गीय भुट्टेली राम के पुत्र सुरेंद्र राम के रूप में हुई है। बताया गया कि सुरेंद्र राम कुमना चारबटनी टोला निवासी गणेश राय के घर के निर्माण कार्य में लगे थे।
रड में आया करंट, झुलसकर जमीन पर गिरे सुरेंद्र
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम तक सुरेंद्र राम निर्माणाधीन मकान में रड का काम कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के विद्युत तार के संपर्क में रड आ गया। रड में करंट उतरते ही सुरेंद्र राम उसकी चपेट में आ गए। तेज विद्युत प्रवाह के कारण वह बुरी तरह झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथ में काम कर रहे मजदूरों और परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें दाउदपुर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार की उम्मीद बने सुरेंद्र, शव देखकर मचा कोहराम
सुरेंद्र राम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस व्यक्ति के हाथों में परिवार का भविष्य संवारने की उम्मीद थी, उसी का निर्जीव शरीर देखकर परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। देर शाम परिजन शव लेकर दाउदपुर थाना पहुंचे। चूंकि घटना कोपा थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए पुलिस ने शव को कोपा थाना भेज दिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।
पत्नी और बच्चों को छोड़ गए सुरेंद्र
रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि सुरेंद्र राम अपने पीछे पत्नी कुंती देवी, पांच पुत्रियां और एक पुत्र चंदन राम को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है। परिजनों के अनुसार, दो पुत्रियों और पुत्र चंदन राम की शादी हो चुकी है।
ऐसे में परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से घर की जिम्मेदारियों का पूरा बोझ अब परिजनों के कंधों पर आ गया है।
जिस घर को बना रहे थे, उसी काम ने उजाड़ दिया अपना घर
सुरेंद्र राम जिस मकान को ईंट और गारे से तैयार कर किसी परिवार का भविष्य संवारने में जुटे थे, उसी निर्माण कार्य के दौरान उनकी जान चली गई। इस हादसे ने उनके अपने परिवार को बेसहारा कर दिया। मंगलवार सुबह जब सुरेंद्र राम का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद परिवार के साथ-साथ गांव में भी मातम पसरा हुआ है।