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मैने तो अफसरों का हुक्म बजाया है

Sun, 03 May 2015 01:30 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 03 May 2015 01:30 AM IST
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कोलकाता से मुल्जिम को हवाई जहाज से लाकर जेल भेजने के मामले में कोतवाली पुलिस की फजीहत होने पर दरोगा अमित सिंह का कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है। उन्होंने तो अपने अफसरों का हुक्म बजाया है। डीआईजी की अनुमति लेकर वह कोलकाता गए थे। वहां एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा से भी बात हुई थी।
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कोतवाली में इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ही उनके बॉस थे। उन्हीं के आदेश पर वह अवनीश शुक्ला को गिरफ्तार करने के लिए कोलकाता चले गए। कहा गया था कि बार-बार अफसरों का फोन आता है। यहां से ट्रेन से वह हेड कांस्टेबिल के साथ गए थे। वहां जाकर उन्होंने अवनीश को गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करके ट्रांजिट रिमांड पर ला रहे थे। कोलकाता से ही उनकी एसपी सिटी से बात हुई थी लेकिन अब तो इंस्पेक्टर भी इनकार कर सकते हैं कि उन्होंने भेजा ही नहीं। कोर्ट से उन्हें 72 घंटे का रिमांड मिला था। यह भी खतरा था कि बनारस में अवनीश के लोग उनसे मुल्जिम छीन सकते हैं। इसलिए उन्होंने हवाई जहाज से दिल्ली तक आने की प्लानिंग की। 8 अप्रैल को सुबह साढ़े नौ बजे कोतवाली पहुंचने के बाद अवनीश को उन्होंने दाखिल कर दिया। इसके बाद उसे ग्यारह बजे कोर्ट में पेश करके जेल भिजवा दिया। दरोगा का कहना है कि अवनीश कारोबारी का एजेंट था, इसलिए इस मुकदमे में धारा 409 बनती है। बंगाल से लेकर यहां तक की कोर्ट ने रिमांड मंजूर की है। अवनीश की 27 तारीख को जमानत हुई है। विधिक प्रक्रिया से वह अवनीश को लाए हैं। हवाई जहाज से जहां तक मुल्जिम को लाने की बात है। उसने इसके लिए अपने एटीएम से रुपये निकालकर टिकट बनवाए हैं। इसका भी  सुबूत है। जांच के दौरान सारे सुबूत सीओ सिटी को सौंपेगा।
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-चौकी चौराहा पुलिस चौकी इंचार्ज अमित सिंह का कोलकाता से उनके पास फोन आया था। उसने सिर्फ इतना बताया था कि वह विवेचना के संबंध में गया हुआ है। यह नहीं बताया कि किस विवेचना के संबंध में वहां है- राजीव मल्होत्रा, एसपी सिटी
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दरोगा के परमीशन लेने की जानकारी नहीं है। दिखवाता हूं, चेक करके ही बताऊंगा। उप निरीक्षक कुछ कह रहा है तो जांच में उसका पक्ष भी सुना जाएगा- आरकेएस राठौर, डीआईजी  


सुभाष यादव भी हवाई जहाज से लाए थे मुल्जिम

कोतवाली पुलिस जमीन के कारोबारियों पर खास मेहरबान रहती है। वजह साफ है कि इस हाथ काम करो उस हाथ इनाम पाओ। इंस्पेक्टर मोहम्मद बाबर के कार्यकाल में क्राइम ब्रांच में तैनात दरोगा सुभाष यादव कालोनाइजर के इशारे पर मुम्बई से एक मुल्जिम को पकड़कर हवाई जहाज से लेकर आए थे। गिरफ्तारी के लिए उस मुकदमे में भी धारा 409 के तहत ही मुकदमा लिखा गया था। मामला मॉडन टाउन की बेशकीमती जमीन का था।



सूचना लीक करने का भी आरोप लगा था
कोतवाली में भेदियों की भी कमी नहीं है। यहां तैनात एक इंस्पेक्टर पर देहरादून पुलिस की सूचना लीक करने का आरोप भी लग चुका है। देहरादून पुलिस को शहर के नेता की तलाश थी। वहां के आला अफसरों ने उसे पकड़ने के लिए टीम बरेली भेजी थी, लेकिन पुलिस पहुंची तो आरोपी घर पर नहीं मिले। इससे अफसरों में हल्ला मच गया। आरोपी का मोबाइल सुनने वाले अफसरों को पता लगा कि कोतवाली से ही सूचना लीक हुई है। इसके बाद तत्कालीन एसएसपी आकाश कुलहरि ने आरोपी इंस्पेक्टर को जमकर लताड़ लगाई थी। 
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